समस्याओं से गिरे तो महापुरुषों की जीवनियां पड़े : स्वतंत्र प्रकाश
बदायूँ।आत्माराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय अलापुर में महात्मा गांधीजी और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। राज्य सूचना आयुक्त माननीय स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समकक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रध्वज फहराया और पौधारोपण कर कहा कि जब कभी भी हम स्वयं को समस्याओं से घिरा महसूस करें तब हमें महापुरुषों की जीवनियां पढं लेनी चाहिए। हमारी समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाएगा। उन्होंने कहा युवा भविष्य के गांधी और शास्त्री हैं। कवि डा.अरविन्द धबल ने भ्रूण हत्या सम्बन्धी प्रस्तुति में कहा – हम ऐसे ही मरत रहे, तो लला कहां से ब्याहैगे। लला नाहिं ब्याहे तौ, अम्मा पूत कहाँ से आवैंगे। लला अकेले पूत जनि सकैं, तब तौ हमैं सहारौ तुम। हम हूँ दुनिया देखि लेन देन, अम्मा हमै न मारौ तुम”।
कवि षटवदन शंखधार ने कहा कि
राम केवट के है, राम सरयू के हैं ।
राम कलियों के, फूलों के खुशबू के है।।
कौन है ! जग में जो राम से अलग ।
राम सागर के है, राम आंसू के है।।
महाविद्यालय संस्थापक डा.मनीराम मिश्र ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ मानव का निर्माण शिक्षा से ही सम्भव है, इसलिए युवाओं को सर्वाधिक समय शिक्षार्जन पर देना चाहिए। प्राचार्य डा. विशेष कुमार ने महाविद्यालय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी का आभार प्रकट किया। संचालन डा.रेखा सक्सेना ने किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डा. अवधेश आर्य के निर्देशन में स्वयं सेवकों ने भाषण और कविताएं प्रस्तुत की। इस मौके पर बैकुण्ठ नारायण सिंह, सत्यवीर सिंह, अजयवीर सिंह यादव, प्रियदर्शी गौतम, प्रदीप कुमार, राहुल कुमार, ललित कुमार, विक्रम सिंह, मंजू बाजपेई, पुष्पा, उर्मिला आदि मौजूद रहीं।

