संगम तट पर भावुक हुए लोग, अस्थि कलश पहुंचते ही गूंजा ‘रामगोविन्द चौधरी अमर रहें’ का नारा
प्रयागराज में पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविन्द चौधरी की अस्थियों का हुआ विसर्जन; परिजनों, शुभैक्षुओं और सपा नेताओं ने दी अंतिम विदाई
संजीव सिंह। बलिया
“तुम गए क्या शहर सूना कर गए, दर्द का आकार दूना कर गए।” रामधारी सिंह दिनकर की ये पंक्तियां बुधवार को प्रयागराज के संगम तट पर उस समय चरितार्थ होती दिखाई दीं, जब पूर्व नेता प्रतिपक्ष व समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता स्व. रामगोविन्द चौधरी के अस्थि कलश को विसर्जन के लिए उनके अनुज पंचदेव चौधरी, रामबचन यादव, विश्राम चौधरी एवं शुभैक्षु लेकर संगम पहुंचे।
अस्थि कलश के प्रयागराज पहुंचते ही संगम तट पर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रयागराज भी रामगोविन्द चौधरी के निधन के गम में उतना ही डूबा हो, जितना उनका गृह जनपद बलिया। उनके प्रति लोगों की आत्मीयता और सम्मान इस दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
अस्थि कलश के संगम तट पर पहुंचते ही उपस्थित जनसमूह ने भरे गले से “रामगोविन्द चौधरी अमर रहें” के नारे लगाए। नारों से संगम तट का वातावरण भावुक हो उठा। परिजनों, शुभैक्षुओं और समर्थकों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी तथा उनकी स्मृतियों को नमन किया।
स्व. रामगोविन्द चौधरी के निधन से समाजवादी विचारधारा, बलिया सहित पूर्वांचल की राजनीति और उनसे जुड़े असंख्य लोगों के बीच गहरा शोक है। संगम तट पर उमड़ा जनसमूह उनके प्रति लोगों के स्नेह, सम्मान और आत्मीय जुड़ाव का भावपूर्ण प्रमाण रहा।
उपस्थित रहे प्रमुख नेता एवं गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष इफतिखार हुसैन, सपा नेता तारीक भोजपुरी, संगम पत्रिका के संपादक अजीत सिंह, बलिया जिला अध्यक्ष सुनील मौर्या, सुशील पाण्डेय कान्हजी, सईद अज्जू, युव जन सभा के अध्यक्ष रविंद्र यादव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव, कृष्ण मूर्ति यादव, दिनेश यादव, छात्र नेता राहुल पटेल, अजीत यादव, आदिल हमजा, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष समीर पाण्डेय, शिव शंकर सरोज, हरेंद्र यादव, संदीप यादव आदि उपस्थित रहे।
























