बलिया में रूह कंपा देने वाला डबल मर्डर: जिसे समझा जा रहा था पीड़ित, वही निकला अपनी पत्नी और दृष्टिहीन बेटी का हत्यारा
संजीव सिंह बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है। मुस्तफाबाद गांव में हुए मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा कोतवाली की संयुक्त टीम ने सुलझा लिया है।
झूठी कहानी का ऐसे हुआ पर्दाफाश
17 सितंबर को रामचीज गुप्ता ने खुद थाने पहुंचकर तहरीर दी थी कि अज्ञात लोगों ने उसकी पत्नी मान्ती देवी और बेटी गौरी की हत्या कर दी है। लेकिन जब पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो सारा सच शीशे की तरह साफ हो गया—हत्यारा कोई बाहरी नहीं, बल्कि खुद परिवार का मुखिया रामचीज ही निकला!
हत्या की वजह जानकर कांप उठेगी रूह
पुलिस जांच में सामने आया कि रामचीज की पत्नी मान्ती देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी और बेटी गौरी दृष्टिहीन थी। पत्नी की बीमारी और बेटी के दिव्यांग होने के कारण रामचीज समाज में खुद को अपमानित महसूस करता था। इसी तथाकथित ‘सामाजिक प्रतिष्ठा’ के चलते उसने अपने ही परिवार को खत्म करने की खौफनाक साजिश रच डाली।
दोस्तों के साथ मिलकर किया कत्ल
16 सितंबर की शाम रामचीज ने गांव के ही दो युवकों—चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को अपनी साजिश में शामिल किया।
तीनों ने मिलकर धारदार हथियार (दाव) से मां-बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी।
बेटी का शव खेत में फेंक दिया और घर में फैले खून को साफ कर गांव में अज्ञात बदमाशों द्वारा हत्या की झूठी अफवाह फैला दी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, खून से सने कपड़े बरामद
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर सिधागरघाट से तीनों अभियुक्तों—रामचीज गुप्ता, चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार (दाव) और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है।
























