सुखपुरा का सपूत प्रियांशु कुमार सिंह बना थल सेना में लेफ्टिनेंट; सैनिक परिवार की तीसरी पीढ़ी ने पहनी अफसर की वर्दी
संजीव सिंह बलिया।सुखपुरा: कस्बा निवासी धनंजय सिंह के पुत्र प्रियांशु कुमार सिंह ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति पाकर घर-परिवार और बलिया-बागी धरती का नाम रोशन किया है। जयपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद UPSC के माध्यम से EME ग्रुप में चयनित प्रियांशु ने गया के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर पासिंग आउट परेड में शानदार प्रदर्शन किया।
प्रियांशु का परिवार सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता धनंजय सिंह 17वीं बटालियन द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि चाचा राजीव कुमार सिंह ऑनरेरी कैप्टन और अजय कुमार सिंह सूबेदार मेजर के पद पर सेवारत हैं। प्रियांशु की प्रारंभिक शिक्षा गुड सेमेरिटन इंग्लिश स्कूल सुखपुरा में हुई; बाद में उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल बीकानेर और मामूँ कैंट पठानकोट से पढ़ाई पूरी की।पारिवारिक पृष्ठभूमि: सैनिक परंपरा की तीसरी पीढ़ी
प्रियांशु का परिवार लंबे समय से भारतीय सेना से जुड़कर देश सेवा करता आया है:
पिता: धनंजय सिंह (मंजीत कुमार सिंह उर्फ धनंजय) — भारतीय थल सेना की 17वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त।
चाचा: राजीव कुमार सिंह — 15वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त।
चाचा: अजय कुमार सिंह (रामबाबू) — प्रथम बटालियन, द महार रेजीमेंट में सूबेदार मेजर-ऑनरेरी कैप्टन के पद पर सेवारत।
माता: प्रियंका सिंह (गृहिणी); बहन: रिद्धि सिंह (कक्षा 12वीं की छात्रा)।
रविवार को स्वतंत्रता शहीद स्मारक संस्थान सुखपुरा के पदाधिकारी व विशिष्टजनों ने घर जाकर प्रियांशु को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर बसंत सिंह, जेपी सिंह, राकेश कुमार, अनुज कुमार, संदेश सिंह, रामजन्म सिंह, गुड्डू उपाध्याय, पप्पू जी, गामाजी, विकास कुमार, डाकघर अभिकर्ता उमेश सिंह तथा संस्था प्रबंधक उमेश कुमार सिंह मौजूद रहे। गांव पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीणों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया।
























