स्टांप के नाम पर फर्जीवाड़े में पांच पर केस, जाली दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश करने का आरोप
लखनऊ।प्रमोद कुमार श्रीवास्तव
स्टांप के नाम पर कथित फर्जीवाड़े और जाली दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के मामले में कैसरबाग पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। न्यू गणेशगंज निवासी अधिवक्ता शशांक की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिवक्ता के मुताबिक वर्ष 2015 से न्यायालय में मो. इरफान बनाम राम कुमार शुक्ला व अन्य वाद विचाराधीन है। आरोप है कि 20 फरवरी 2013 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया पारिवारिक समझौता पत्र जाली था और इसे पुरानी तारीख में तैयार किया गया। दस्तावेज में वर्ष 2009 के 100 रुपये के स्टांप पेपर पर समझौता निष्पादित होना दर्शाया गया था।
मामले में शशांक ने मार्च 2023 में आरटीआई के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय से स्टांप के संबंध में जानकारी मांगी। जवाब में बताया गया कि स्टांप विक्रेता डीके रस्तोगी ने एक अगस्त 2012 से 31 मार्च 2013 तक की बिक्री रजिस्टर कार्यालय में जमा नहीं की थी। इसके बाद दस्तावेज की सत्यता को लेकर संदेह और गहरा गया।
तहरीर में स्टांप विक्रेता डीके रस्तोगी के अलावा गणेशगंज निवासी मो. इरफान और उनके बेटे मो. एहसान, बशीरतगंज निवासी गवाह मो. अजीम तथा सौभाग्य यादव को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभी ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे न्यायालयी कार्यवाही में इस्तेमाल किया।
शशांक ने मामले की जांच के बाद कैसरबाग थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दस्तावेजों और स्टांप की सत्यता समेत पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
























