कोर्ट के आदेश के 28 दिन बाद भी एफआईआर नहीं, सीजेएम ने शहर कोतवाल से मांगी रिपोर्ट
हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज न होने पर अदालत सख्त, 12 अगस्त तक आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश
आजमगढ़। उपेंद्र कुमार पांडे
हत्या के एक मामले में अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद 28 दिन बीत जाने पर भी मुकदमा दर्ज न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सत्यवीर सिंह ने शहर कोतवाल से आख्या तलब की है। अदालत ने कोतवाली प्रभारी को 12 अगस्त 2026 तक इस संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मामला 16 अप्रैल 2026 का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गुरुटोला निवासी संजय कुमार पाठक के पुत्र सुधाकर पाठक का शव पुरानी जेल के सामने पावर हाउस के पीछे स्थित बंधे पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर मृतक के भाई पदमाकर पाठक ने अपने अधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद सिंह के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि सुधाकर पाठक की हत्या शराब ठेके के मालिक विनोद राय और उनके साथियों ने की है। मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद सीजेएम कोर्ट ने 7 जुलाई 2026 को शहर कोतवाली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर मुकदमा दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया था।
इसके बावजूद आदेश पारित होने के 28 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पर पीड़ित पक्ष ने पुनः अदालत की शरण ली। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शहर कोतवाल से 12 अगस्त 2026 तक विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है।
























