संघर्ष की मिसाल: 53 वर्ष की उम्र में TGT बने मलप हरसेनपुर के रिपुंजय सिंह, गांव में खुशी की लहर
संजीव सिंह | बलिया
बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के ग्राम मलप हरसेनपुर के निवासी रिपुंजय सिंह ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए टीजीटी (Trained Graduate Teacher) परीक्षा में सफलता हासिल कर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। लगभग 52–53 वर्ष की आयु में मिली यह सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।
जानकारी के अनुसार, रिपुंजय सिंह लंबे समय से निजी विद्यालयों में अध्यापन कार्य कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपना समर्पण बनाए रखा और लगातार अध्ययन करते रहे। वर्षों की मेहनत और अनुभव का परिणाम उन्हें टीजीटी परीक्षा में सफलता के रूप में मिला।
रिपुंजय सिंह का यह सफर आसान नहीं रहा। हाल के समय में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा। उनकी पत्नी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, वहीं इसी वर्ष होलिका दहन के दिन हुए एक सड़क हादसे में उनके बड़े पुत्र का असामयिक निधन हो गया। इन गहरे व्यक्तिगत आघातों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास जारी रखा।
जैसे ही उनके चयन की सूचना गांव पहुंची, पूरे मलप हरसेनपुर में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा परिवार के सुख-समृद्धि और पत्नी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
रिपुंजय सिंह की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, तो सफलता अवश्य मिलती है। उनकी सफलता आज युवाओं और समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है।
























