बलिया में शिक्षामित्रों की श्रद्धांजलि सभा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
समायोजन, शिक्षक पद पर नियुक्ति, 12 माह मानदेय और सेवा आयु 62 वर्ष करने सहित छह प्रमुख मांगें उठीं
संजीव सिंह | बलिया
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शनिवार को बलिया जिला मुख्यालय पर जिलाध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने श्रद्धांजलि सभा एवं प्रदर्शन आयोजित किया। कार्यक्रम में 25 जुलाई 2017 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद दिवंगत हुए शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया।
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई।
संघ ने कहा कि 3 जनवरी 2025 के शासनादेश के बावजूद अधिकांश जिलों में मूल विद्यालय वापसी और महिला शिक्षामित्रों का पति के निवास के निकट समायोजन अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय जाना पड़ रहा है। इस प्रक्रिया को तत्काल पूरा कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में टीईटी एवं एनसीटीई की अर्हता रखने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट देकर सीधे शिक्षक पद पर समायोजित करने, सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने, वर्तमान 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय देने तथा भविष्य में आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
इसके अलावा दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा पात्रता के आधार पर परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांतीय संयुक्त मंत्री अखिलेश पांडेय, जिला प्रवक्ता निर्भय नारायण राय, श्याम नंदन मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी परवेज अहमद सहित बड़ी संख्या में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में हरेराम यादव, सत्येंद्र मौर्य, अजय सिंह, मंजूर हुसैन, इन्द्रकेश चौहान, अखिलेश वर्मा, भीरगुनाथ शर्मा, लालजी वर्मा, फैसल अजीज, शिवकुमार सिंह, सुग्रीव साहनी सहित दर्जनों शिक्षामित्रों ने भाग लिया।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शिक्षामित्रों की व्यावहारिक समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करेगा।
























