सभी सुरक्षा मानकों को अनदेखा कर लोहारो वाले चौराहे पर अंडर ग्राउंड डाली जा रही है 11 केवीए विद्युत लाइन
आधी रात को विभाग द्वारा गड्ढे खोदकर दबाई जा रही केबिल क्षेत्रीय लोगो की जिंदगी से हो रहा खिलबाड़
मुजीब खान
शाहजहांपुर : जनपद के लोहारों वाले चौराहे पर किया जा मार्ग चौड़ीकरण कार्य महज लीपा पोती के अलावा कुछ नहीं बेहतर मार्ग और अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन का लॉलीपॉप देकर क्षेत्रीय निवासियों को मूर्ख बनाकर उनकी जान से खिलबाड किया जा रहा जिसे न कोई अधिकारी देख रहा है न कोई जन प्रतिनिधि जिसके परिणाम स्वरूप पहले नाला निर्माण में ठेकदार द्वारा मनमाने ढंग से टेढ़ा मेड़ा नाला और नाली बना कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली अब वही कार्य विद्युत विभाग के ठेकदार कर रहे है। नाला और नाली के गलत निर्माण से किसी की जान को खतरा नहीं लेकिन विद्युत विभाग के द्वारा किए गए कार्य में जरा सी लापरवाही स्थानीय नागरिकों के लिए जान जोखिम का कारण बन सकता है।
आपको बताते चले कि लोहारों वाले चौराहे के चौड़ीकरण और अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन का प्रस्ताव पारित हुआ जिसका कार्य विगत 27 नवम्बर 2025 से शुरू हुआ था जिसमें नाला निर्माण सड़क चौड़ीकरण के साथ अंडर ग्राउंड विद्युत लाइन का कार्य प्रस्तावित था लेकिन जब लगभग सात माह बीत जाने के बाद भी नाला और नाली निर्माण कार्य भी पूर्ण नहीं हुआ तो वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सख्ती दिखाई गई तो निगम और जनपदीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदार की लगाम कसी गई तो कार्य आनन फानन में शुरू करते हुए नाला और नाली को अपनी मनमर्जी से टेढ़ा मेड़ा बनाकर विद्युत विभाग को अपना कार्य करने को स्वतंत्र किया जिसमें विद्युत विभाग के ठेकेदार द्वारा मनमर्जी में नाला निर्माण करने वाले ठेकेदार को भी पीछे छोड़ दिया और रात में 12 बजे कार्य शुरू करते हुए महज 2 फिट खुदाई करके 11 केवीए की लाइन डालनी शुरू कर दी जब स्थानीय पार्षद और नागरिकों ने विरोध किया तो काम बंद कर दिया गया और करीब 8 दिन कार्य बंद कर दिया गया उसके बाद अचानक रात के 12 के बाद ठेकेदार लेवर को लेकर जागृत हुआ और जेसीबी से खुदाई करवा कर आनन फानन में विद्युत लाइन डालना शुरू कर दी और एक ही रात में कार्य पूर्ण कर दिया विद्युत विभाग के ठेकदार द्वारा इस दौरान किसी भी मानक का ध्यान नहीं रखा और न ही लाइन डालते समय कोई अधिकारी मौजूद रहा विद्युत विभाग द्वारा कार्य से स्थानीय नागरिकों सहित अन्य राहगीरों का जीवन संकट में डाल दिया गया है जिसकी ओर न किसी जनप्रतिनिधि ने का ध्यान जा रहा है और न ही किसी अधिकारी का।
क्या है अंडर ग्राउंड विद्युत केबल डालने के मानक
आपको बताते चले कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के नियमों के अनुसार हाई-वोल्टेज लाइनों को सड़क पार करते समय जमीन से कम से कम 1 मीटर (लगभग 3 फीट) की गहराई में होना चाहिए। 11 केवीए के लिए आमतौर पर इंसुलेटेड और आर्मर्ड केबल का उपयोग किया जाता है, ताकि सड़क के दबाव और नमी से कोई नुकसान न हो। जिसमें सुरक्षा मानकों के अनुसार, केबल के ऊपर ईंटों की एक परत या प्लास्टिक की चेतावनी टेप लगाई जाती है, ताकि भविष्य में खुदाई के दौरान लोगों को पता चल सके कि नीचे बिजली की लाइन है। सबसे पहले सड़क या फुटपाथ के किनारे लगभग 3 से 4 फीट गहरी और 1.5 फीट चौड़ी नाली खोदी जाती है। नाली के तल में रेत बिछाई जाती है ताकि केबल पर किसी नुकीले पत्थर का दबाव न पड़े। इसके बाद केबल को नाली में सीधा बिछाया जाता है और ऊपर से फिर से रेत की परत डालकर उसे दबा दिया जाता है। रेत के ऊपर ईंटें बिछाई जाती हैं या सुरक्षा स्लैब रखे जाते हैं। लेकिन दिए मानको में विद्युत विभाग द्वारा एक भी मानक पूर्ण नहीं किया गया है जो स्थानीय लोगों के लिए प्राणघातक सिद्ध हो सकता है।
























