प्रशासनिक लापरवाही और उदासीन राजनीति की भेंट चढ़ा उसावां–अकबरपुर मार्ग चौड़ीकरण कार्य
जगह-जगह उखड़ी सड़क से हादसों का खतरा बढ़ा, स्कूली बच्चों और राहगीरों की मुश्किलें दोगुनी; सावन में कांवड़ यात्रा पर भी मंडरा रहा संकट
बदायूं। विकास कार्यों को लेकर सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जनपद बदायूं का उसावां–अकबरपुर मार्ग इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। कई माह पहले शुरू हुआ सड़क चौड़ीकरण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क को जगह-जगह उखाड़ दिए जाने के बाद कार्य की रफ्तार लगभग थम गई है, जिससे आमजन, स्कूली बच्चे और वाहन चालक रोजाना परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
शासन की स्वीकृति और बजट मिलने के बाद कार्यदायी संस्था ने तेजी से सड़क की खुदाई शुरू की थी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें चौड़ी और सुरक्षित सड़क की सुविधा मिलेगी, लेकिन सड़क उखाड़ने के बाद निर्माण कार्य धीमा पड़ गया। परिणामस्वरूप मार्ग जगह-जगह गड्ढों और उबड़-खाबड़ हिस्सों में तब्दील हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
जुलाई में विद्यालय खुलने के बाद इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल आते-जाते हैं। खराब सड़क के कारण बच्चों, साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। धूल, गड्ढों और असमतल सड़क के कारण कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
उसावां से गंगा घाट होते हुए मैनपुरी तक जाने वाला यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। आगामी श्रावण मास में हजारों कांवड़िये इसी रास्ते से गंगाजल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए गुजरेंगे। यदि समय रहते सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो भारी भीड़ के बीच बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण शुरू होने से पहले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण कर शीघ्र कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब न कोई अधिकारी निर्माण कार्य की प्रगति देखने पहुंच रहा है और न ही जनप्रतिनिधि जनता की समस्या को गंभीरता से उठा रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि चौड़ीकरण कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए, सड़क को समतल एवं सुरक्षित बनाया जाए और सावन शुरू होने से पहले निर्माण पूरा कर आमजन, स्कूली बच्चों तथा कांवड़ यात्रियों को राहत दिलाई जाए। उनका कहना है कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन लापरवाही के कारण यही कार्य अब लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गया है।
























