संभल में किए 101 करोड़ के सरकारी जमीन महाघोटाले में शाहजहांपुर अपर नगर आयुक्त राजकुमार भेजे गए जेल
ईओ संभल के पद पर रहते हुए भूमाफियाओं से सांठ गांठ करके सरकारी जमीन के कर दिए थे फर्जी पट्टे
मुजीब खान
शाहजहांपुर : जनपद के नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात राजकुमार गुप्ता को आज संभल पुलिस ने 101 करोड़ के सरकारी जमीन पर फर्जी पट्टे किए जाने के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है आरोप है कि उक्त कार्य उन्होंने जनपद संभल में अपने अधिशासी अधिकारी ( ईओ) पद पर रहते हुए करा था इसमें उन्होंने सरकार के नाम दर्ज 38 बीघा जमीन जिसका मामला पिछले 60 वर्षों से चल रहा था में हस्तक्षेप करते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भूमाफियाओं के नाम करने के काम किया था राजकुमार गुप्ता ने साल 2013 में संभल नगर पालिका के ईओ पद पर रहते हुए हाईकोर्ट में पैरवी करने से इनकार कर दिया था।
यह पूरा मामला साल 1967 में शुरू हुआ था जब नगर पालिका ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर फर्जी तरीके से तथाकथित पट्टा कर दिया था। इसके बाद 1991 से 2005 तक अपर तहसीलदार और एडीएम कोर्ट की सुनवाई में इस जमीन को सरकारी माना गया। खेल तब बदला जब 2008 में तत्कालीन डीडीसी खेम सिंह खड़क ने फर्जी पट्टा धारक भू-माफियाओं के पक्ष में आदेश जारी कर कब्जा दे दिया। डीडीसी के इस गलत आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। आरोप है कि साल 2013 में संभल में तैनात रहे तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने भू-माफियाओं और डीडीसी खेम सिंह खड़क से मिलीभगत की उन्होंने हाईकोर्ट में नोट प्रेस करके नगर पालिका की तरफ से मामले की पैरवी करने से साफ इनकार कर दिया था। इस महाघोटाले का पर्दाफाश डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण बिश्नोई द्वारा जमीन की पैमाइश कराने के बाद हुआ है। लेखपाल स्पर्श गुप्ता की तहरीर पर तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता सहित 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, 101 करोड़ की सरकारी जमीन के गबन में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता सहित 31 लोगों पर केस दर्ज है। आरोपी ने निजी लाभ के लिए हाईकोर्ट से याचिका वापस लेकर जमीन दूसरों को बिकवाई थी। वर्तमान में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता पर 2022 में भी 44 लाख के गबन का केस दर्ज हुआ था। संभल में 6 साल के कार्यकाल के अन्य घोटालों की भी जांच जारी है और तत्कालीन चेयरमैन से पूछताछ की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी अपर नगर आयुक्त शाहजहांपुर राजकुमार गुप्ता को संभल पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी राजकुमार गुप्ता से आगे की पूछताछ कर रही है।
उन्होंने बताया कि जांच के बाद चार दिन पहले डीडीसी कोर्ट के आदेश पर खतौनी से निजी भू-स्वामियों का नाम हटा दिया गया अब 60 साल बाद इस 101 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को दोबारा राज्य सरकार के नाम दर्ज कर लिया गया है।
























