डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित
जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘संस्मरण पखवाड़ा’ के तहत बुधवार को भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता प्रदेश मंत्री संचिता सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित था। उनका नारा “एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे” अखंड भारत के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटना उनके संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।
विशिष्ट अतिथि हरिश्चन्द्र सिंह ने कहा कि नेहरू-लियाकत समझौते से असहमति के बाद डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। वहीं सुशील उपाध्याय ने उनके शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी।
जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि 23 जून 1953 को श्रीनगर की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके संघर्षों के परिणामस्वरूप कश्मीर की परमिट व्यवस्था समाप्त हुई और उनके विचार आज भी राष्ट्रहित के लिए प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अजय सिंह ने किया। इस अवसर पर पार्टी के जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
























