हाथी-घोड़ा और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, श्रीराम कथा का शुभारंभ
आजमगढ़। श्री बाबा भंवरनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। बाबा भंवरनाथ मंदिर से चंद्रमा ऋषि आश्रम तक निकाली गई कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। पूरे मार्ग में प्रभु श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कलश यात्रा में हाथी, घोड़े, ढोल-नगाड़ों के साथ मां भगवती का स्वरूप धारण किए एक कन्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा बाबा भंवरनाथ मंदिर से शुरू होकर भंवरनाथ चौराहा, मातनपुर गांव होते हुए चंद्रमा ऋषि आश्रम पहुंची।
चंद्रमा ऋषि आश्रम में तमसा और सिलनी नदियों के संगम पर आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलशों में पवित्र जल भरवाया। इसके बाद श्रद्धालु पुनः कथा स्थल पहुंचे, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कलश यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में धार्मिक पताकाएं लेकर जय श्रीराम के उद्घोष और राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत भी किया गया।
कथावाचक सर्वेश महाराज ने बताया कि संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन 28 जून से 6 जुलाई तक प्रतिदिन सायं 7 बजे से प्रभु इच्छा तक होगा। उन्होंने जनपदवासियों से सपरिवार कथा में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही कथा श्रवण सार्थक होगा।
























