उपनिदेशक (पंचायत) ने विकास कार्यों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
प्रयागराज। शुक्रवार को उपनिदेशक (पंचायत) प्रयागराज मंडल ने विकास खंड करछना में पंचायत विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में समस्त सचिवों, सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) तथा बीसी (BCs) ने भाग लिया।
बैठक के दौरान राज्य सेक्टर की प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण किया गया। इनमें डिजिटल लाइब्रेरी, उत्सव भवन, अन्त्येष्टि स्थल, बहुउद्देशीय पंचायत भवन, पंचायत प्रतिपूर्ति, मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार (CM Award), एसएनए स्पर्श पोर्टल पर बिल रेज्ड की स्थिति, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालन, ओएसआर (OSR) संग्रहण तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय (IHHL) निर्माण और पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के सत्यापन की समीक्षा शामिल रही।
इसके अलावा रेट्रोफिटिंग कार्यों, ओडीएफ प्लस, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) योजनाओं के तहत प्राप्त धनराशि एवं उसके सापेक्ष किए गए भुगतानों, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (PWM) एवं बायोगैस प्लांट के संचालन और आय, एफएसटीपी (FSTP) स्थल चयन, ग्राम पंचायतों के जीएसटी, जीरो पॉवर्टी अभियान, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओएसआर कलेक्शन तथा लंबित ऑडिट प्रस्थावों के निस्तारण की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के उपरांत उपनिदेशक (पंचायत) सतीश कुमार ने विकास खंड की ग्राम पंचायत बसाही, अरई एवं कैथी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने संबंधित सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देश दिए कि जो कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। साथ ही रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) एवं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के प्रभावी एवं नियमित संचालन के लिए अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उपनिदेशक ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
























