रसड़ा विधानसभा से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
बसपा सुप्रीमो मायावती सीएम योगी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई दिग्गज नेता पहुंचे उनके आवास दी श्रद्धांजलि
बलिया ।संजीव कुमार सिंह/ रामेश्वर प्रजापति
उत्तर प्रदेश के जिला बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह जिन्हें राजनीति के क्षेत्र में रॉबिनहुड के नाम भी जाना जाता था का बुधवार देर रात दिल्ली में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही बलिया जनपद समेत पूरे पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित उनके आवास पर लाया गया जहां प्रदेश के मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ बसपा सुप्रीमो मायावती कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय लल्लू सहित प्रदेश के कई दिग्गज नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती काफी भावुक दिखाई दी उनके आंसू भी देखे गए उन्होंने इस दौरान मीडिया के समक्ष उमाशंकर और उनके भाई बहन के रिश्ते को भी सांझा किया ।
दिल्ली से उनके पार्थिव शरीर को लखनऊ स्थित आवास पर लाकर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया जहां सीएम योगी बसपा सुप्रीमो सहित राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी इसके बाद बृहस्पति वार शाम को उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव रवाना किया गया बलिया पहुंचते ही जगह जगह उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा की गई उनके इस दौरान उनके आवास पर अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन हेतु जनसैलाब उमड़ पड़ा आज अभी अंतिम संस्कार की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई तिथि और समय तय होने पर उनके पैतृक गांव खनपुर में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा
कौन थे उमाशंकर सिंह
बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के ग्राम खनपुर 2 जनवरी 1971 को जन्मे उमाशंकर सिंह ने सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे। वर्ष 1990-91 में वह छात्रसंघ के महामंत्री रहे तथा वर्ष 2000 में जिला पंचायत सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वर्ष 2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत हासिल कर अपनी मजबूत जनाधार का परिचय दिया। वर्ष 2022 में वह बसपा के इकलौते विजय प्राप्त करने वाले विधायक बने, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें विधानमंडल दल का नेता भी बनाया।
गरीबों के मसीहा और ‘रॉबिनहुड’ की छवि
उमाशंकर सिंह को क्षेत्र में गरीबों के हितैषी और जनसेवा के लिए समर्पित नेता के रूप में जाना जाता था। जनता के बीच उनकी सहज पहुंच, विकास कार्यों में सक्रियता और हर वर्ग के लोगों से जुड़े रहने के कारण उन्हें क्षेत्र में ‘रॉबिनहुड’ की पहचान मिली थी। उनके निधन से रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया जिले की राजनीति को बड़ी क्षति मानी जा रही है।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जनसेवा और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन सार्वजनिक जीवन की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों समर्थकों ने सोशल मीडिया तथा स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
राजनीतिक सफर एक नजर में
जन्म: 2 जनवरी 1971, खनवर गांव, नगरा (बलिया)
शिक्षा: स्नातक, सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया
1990-91: छात्रसंघ महामंत्री
2000: जिला पंचायत सदस्य
2012: पहली बार रसड़ा से विधायक निर्वाचित
2017: दूसरी बार विधायक
2022: तीसरी बार विधायक, बसपा के इकलौते विजयी विधायक और विधानमंडल दल के नेता
बसपा के वफादार होने के साथ बहन जैसा सम्मान देते थे उमाशंकर : मायावती
अंतिम दर्शन को दिवंगत विधायक उमाशंकर के आवास पर पहुंची बसपा सुप्रीमो मायावती ने मीडिया से की गई बातचीत में बताया कि उमाशंकर पार्टी के एक बफादर सिपाही थे आज उनके जाने से पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई असम्भव है। मीडिया से बात करते करते हुए अचानक भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी बहन की तरह सम्मान देने के साथ वह बड़ी बहन की तरह मानते भी थे रक्षा बंधन पर चाहे वह दिल्ली में हो या लखनऊ में लेकिन वह राखी बंधवाने अवश्य आते थे जब पार्टी से बड़े वफादार धोखा दे गए उस समय भी उमाशंकर पार्टी के साथ खड़े दिखे उनका परिवार हमारा परिवार है जिसके साथ हम हमेशा खड़े रहेंगे।
























