पहले बिना श्रेणी बदलवाए खलियान की भूमि पर बनवा दिया स्कूल अब कब्जा करके बंद किया दुसरों का रास्ता
पीड़ित की आईजीआरएस शिकायत पर लेखपाल ने गलत आख्या लगाकर किया शिकायत का निस्तारण
मुजीब खान
शाहजहांपुर : जनपद की तहसील तिलहर क्षेत्र के ग्राम सलेमाबाद पट्टी गुलचंपा निवासी महेंद्र सिंह पुत्र लल्लू सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की थी गांव में स्कूल के लिए आवंटित भूमि के स्थान को छोड़कर खलियान की भूमि पर बिना भूमि की श्रेणी बदलवाए सरकारी स्कूल दुकान एवं मकान का निर्माण करवाया इसके बाद अब उक्त स्कूल के पास चार दीवारी व गेट लगवा कर उसके खेत का रास्ता बंद कर दिया गया जिसकी आईजीआरएस के निस्तारण में स्थानीय लेखपाल ने उसको सूचना न देकर अपनी मर्जी से गलत आख्या लगाकर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया ।
शिकायत कर्ता महेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम सलेमाबाद पट्टी तहसील तिलहर जिला शाहजहांपुर में राज्य सरकार की खलियान गाटा संख्या 462 रकबा 1599 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में खलियान के नाम दर्ज है पर तत्कालीन भूमि प्रबंधन समिति की मिली भगत से जमीन को बिना श्रेणी परिवर्तन कराये बिना प्रस्ताव पास किये राष्ट्रीय राज्य मार्ग के किनारे बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण कर दुकान बनवा दी व मकान बनवा दिये है तथा एक सरकारी स्कूल बना दिया है। स्कूल के पूरब बाउण्ड्री उठाकर फाटक लगा दिया है जिससे अन्य गाटा संख्याओं पर जाने वाली रास्ता अवरूद्ध हो गयी है। जबकि स्कूल के नाम गाटा संख्या 494 रकबा 0.130 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखो में आवंटित है, उसमे स्कूल जानबूझकर नहीं बनाया गया। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में शिकायत की गई तो सम्बन्धित लेखपाल की जांच आख्या संन्दर्भ स०- 92615200002910 में खलियान की भूमि पर कब्जा होना पाया गया है। उक्त अवैध कब्जेदार दबंग व असरदार प्रवृत्ति के व्यक्ति है। जिनके डर व भय के कारण वर्तमान भूमि प्रबन्धक समिति अध्यक्ष व लेखपाल खुली खिलाफत करने से असमर्थ है। शिकायतकर्ता ने उक्त प्रकरण भूमि गाटा संख्या 462 पर अवैध कब्जेदारो को बेदखल करने हेतु धारा 67 की कार्यवाही कर खलियान की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। इसके साथ शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में संबंधित लेखपाल द्वारा गलत आख्या पेश करने के आरोपों की जांच करते हुए दोषी पाए जाने पर लेखपाल के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
























