बदायूं में दत्तक ग्रहण अभिकरणों का निरीक्षण, बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं पर दिया गया जोर
बदायूं। जिला निरीक्षण समिति ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अरुण कुमार की अध्यक्षता में महिला कल्याण विभाग से संचालित राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण तथा स्वैच्छिक संगठन दलित ग्रामीण विकास संस्थान, बदायूं द्वारा संचालित विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण इकाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के खान-पान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
समिति ने शहर के मोहल्ला नकपुर स्थित दलित ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित दत्तक ग्रहण अभिकरण इकाई तथा महिला अस्पताल में संचालित राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण का निरीक्षण किया। संस्था के सचिव अनूप सक्सेना ने बताया कि वर्तमान में संस्था में चार बच्चे रह रहे हैं। सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है और वे स्वस्थ हैं। बच्चों की वैधानिक (लीगल) प्रक्रिया प्रचलित है तथा अब तक दो बच्चों को दत्तक ग्रहण कराया जा चुका है।
वहीं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण के प्रबंधक-समन्वयक ने बताया कि वर्तमान में संस्था में दो बच्चे संवासित हैं, जिनका स्वास्थ्य सामान्य पाया गया है। एक बच्चे की दत्तक ग्रहण संबंधी कानूनी प्रक्रिया जारी है।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का विवरण पंजिका में दर्ज करने तथा शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अभिलेख एवं दस्तावेज सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद तहसीन, उपनिरीक्षक इन्द्रपाल सिंह, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट सर्वेश दास, जिला कार्यक्रम अधिकारी (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम), किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य प्रमिला गुप्ता, बाल कल्याण समिति की सदस्य सविता मालपाणी, संरक्षण अधिकारी (संस्थागत) प्रीति कौशल, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत) रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
























