बिजली विभाग पर रिश्वत मांगने का आरोप, पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
बलिया।नगरा क्षेत्र के पड़री निवासी सुमन देवी पत्नी प्रेमचंद ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गलत बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। पीड़िता ने बताया कि उनकी माता जी के नाम से घरेलू बिजली कनेक्शन है।
सुमन देवी के अनुसार वर्ष 2023 में अचानक भारी बिजली बिल भेजा गया, जिसे किसी तरह जमा कर शून्य कराया गया। इसके बाद विभाग द्वारा नया मीटर लगाया गया, लेकिन समस्या खत्म होने के बजाय और बढ़ती चली गई।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2024 में फिर लगभग 48 हजार रुपये का बिल भेजा गया। कई बार शिकायत और जांच की मांग के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद वर्ष 2025 में करीब 1 लाख 60 हजार रुपये का भारी-भरकम बिल भेज दिया गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया।
सुमन देवी का आरोप है कि फरवरी 2026 में बिल रिवीजन के नाम पर कंप्यूटर ऑपरेटर अजितेश यादव और एसडीओ द्वारा लगभग 93 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों द्वारा यह कहा गया कि पैसा जमा करने पर बिल कम कर दिया जाएगा।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आखिर दो साल का बिजली बिल 93 हजार रुपये कैसे हो सकता है, जबकि सामान्य घरेलू उपयोग ही किया गया है। इसके बावजूद अब विभागीय रिकॉर्ड में करीब 2 लाख 23 हजार रुपये बकाया दिखाया जा रहा है।
सुमन देवी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार और मनमानी चल रही है। गलत बिल बढ़ाकर उपभोक्ताओं से वसूली करना गरीब परिवारों के साथ अन्याय है। उन्होंने प्रशासन, जिलाधिकारी और उच्च बिजली अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा गलत बिल को तत्काल संशोधित करने की मांग की है।
























