शाहजहांपुर।भ्रष्टाचार के विरुद्ध बीएसए कार्यालय में प्रदर्शन के साथ पुतला दहन के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

भ्रष्टाचार के विरुद्ध बीएसए कार्यालय में प्रदर्शन के साथ पुतला दहन के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

मुजीब खान

शाहजहांपुर । जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आज शिक्षक संघ द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना देते हुए जमकर प्रदर्शन किया इसके बाद शिक्षकों ने भ्रष्टाचार का पुतला दहन किया पुतला दहन के बाद सभी शिक्षकों ने डीएम कार्यालय के लिए कूच किया इस दौरान रास्ते भर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिसमे बेसिक शिक्षा विभाग, शाहजहांपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराये जाने एवं शिक्षकों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की है ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक रशीद अली को सौंपा।

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी न बताया कि जनपद शाहजहांपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में विगत एक वर्ष के दौरान भ्रष्टाचार की घटनाओं में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जो कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के प्रतिकूल है। एंटी करप्शन टीम द्वारा एक खंड शिक्षा अधिकारी एवं एक जिला समन्वयक सहित चार व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाना इस बात का प्रमाण है कि विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें अत्यंत गहरी हो चुकी हैं। विभाग में शासनादेशों एवं नियमों के विपरीत शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन, वेतन कटौती एवं अन्य विभागीय कार्यवाही लंबे समय से लंबित रखी जा रही हैं। इन कार्रवाइयों के पीछे मुख्य कारण शिक्षकों द्वारा अवैध आर्थिक मांगों को पूरा न करना है, जिससे शिक्षकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा है। हाल ही में बीएसए कार्यालय में हुई एंटी करप्शन कार्रवाई के प्रकरण में शिकायतकर्ता शिक्षिका रेनू शुक्ला (सहायक अध्यापिका, कंपोजिट विद्यालय पैना बुजुर्ग, विकासखंड भावलखेड़ा) के मामले में निरीक्षण के दौरान मामूली विलंब (5-10 मिनट) को आधार बनाकर, अवैध धनराशि की मांग पूरी न होने पर दो वेतन-वृद्धि रोकने की संस्तुति की गई। विद्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की वेतन वृद्धि भी रोकी गयी। बाद में इसी विद्यालय का अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में भी विद्यालय पंजिका में दर्ज आख्या से भिन्न रिपोर्ट तैयार की गई, जिससे संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। वर्तमान में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में निरीक्षण उपरांत निलंबन/बहाली, वेतन कटौती समाप्त करने एवं अन्य विभागीय कार्यवाही समाप्त करने के नाम पर व्यापक स्तर पर आर्थिक लेन-देन एवं उत्पीड़न किया जा रहा है। इसमें संविदा कर्मचारियों को माध्यम बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार अधिकारी पर्दे के पीछे हैं।

जिला अध्यक्ष मुनीश कुमार मिश्रा ने मांग करते हुए कहा कि बीएसए कार्यालय एवं ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर नियुक्त समय वर्षों से एक ही स्थान पर संविदा कर्मधारी कार्यरत हैं जबकि शासनादेश के अनुसार स्थानांतरण किया जाना चाहिए। शासनादेशों के विपरीत अनियमित रूप से संविदा कर्मचारियों को बीएसए कार्यालय और ब्लाक संसाधन केंद्रों पर अटैच किया गया है। मानव संपदा पोर्टल पर निरीक्षण प्रक्रिया में भी अनियमितताएं की जा रही हैं. जैसे नेटवर्क का बहाना बनाकर निरीक्षण को भ्रष्टाचार के चलते देर रात तक से अपलोड करना।

दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई समस्त कार्रवाइयों के प्रकरणों की निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, जिससे वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शाहजहांपुर दिव्या गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी भावलखेड़ा विनय मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी मदनापुर नीरज शुक्ला एवं बीएसए कार्यालय लिपिक प्रदीप कुमार की आप से अधिक संपत्ति की जांच कराई जाए। जनपद में लंबे समय से निलंबित शिक्षकों/शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से बहात किया जाए। शिक्षकों के विरुद्ध लंबित वेतन कटौती एवं अन्य विभागीय कार्रवाइयों को नियमानुसार शीघ्र समाप्त किया जाए।

ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा गया है कि शिक्षक हित एवं शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु उपरोक्त प्रकरण में शीघ्र उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की कृपा करें।

धरना प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष मुनीश कुमार मिश्रा मंत्री देवेश बाजपेयी मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी

उर्दू शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नफीस खान सरताज अली सहित सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे ।

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