चोटी बेधक कीट नियंत्रण हेतु गन्ना विभाग सक्रिय IPM तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक : खुशीराम
मुजीब खान
पीलीभीत : चोटी भेदक कीट गन्ने की बढ़वार अवस्था में नुकसान पहुंचाता है जिसके लिए गए नुकसान के कारण पौधों की शीर्ष वृद्धि रुक जाती है। इस लिए जनपद में गन्ना विकास विभाग द्वारा गन्ना फसल को चोटी बेधक कीट से सुरक्षित रखने हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उपरोक्त बात जनपद पीलीभीत के जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने कही उन्होंने बताया कि उनके के निर्देशन में गन्ना पर्यवेक्षकों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों को समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीकों की जानकारी दे रही हैं।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि चोटी बेधक कीट गन्ने की बढ़वार अवस्था में नुकसान पहुंचाता है, जिससे पौधों की शीर्ष वृद्धि रुक जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। इस कीट के नियंत्रण हेतु रासायनिक उपायों के साथ-साथ जैविक एवं यांत्रिक विधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसी क्रम में गन्ना विकास परिषद, पीलीभीत द्वारा ग्राम देवीपुरा में प्रगतिशील कृषक हरिओम एवं सुरेन्द्र के खेतों पर फेरोमोन ट्रैप स्थापित किए गए। इस तकनीक में मादा कीट की कृत्रिम गंध द्वारा नर कीटों को आकर्षित कर ट्रैप में फंसाया जाता है, जिससे प्रजनन चक्र बाधित होता है और कीट की संख्या नियंत्रित रहती है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खेतों का नियमित निरीक्षण करें, प्रभावित पौधों को हटाएं, संतुलित उर्वरक प्रयोग करें तथा आवश्यकता होने पर केवल अनुशंसित कीटनाशकों का वैज्ञानिक सलाह अनुसार प्रयोग करें।
आज के कार्यक्रम में रामभद्र द्विवेदी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, तथा गन्ना पर्यवेक्षक शीलेन्द्र, अमन कुमार मिश्रा, रंजीत, अंकित आदि उपस्थित रहे। विभाग ने किसानों से अपील की है कि अधिक उत्पादन एवं स्वस्थ फसल हेतु आईपीएम तकनीकों को अपनाएं।
























