बदायूँ।भीषण गर्मी व लू से बचाव हेतु जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

भीषण गर्मी व लू से बचाव हेतु जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

बदायूं। जनपद में बढ़ती गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) वैभव शर्मा द्वारा जनसामान्य से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थों का सेवन अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों को नियमित रूप से छाछ, नींबू पानी, आम का पना, नारियल पानी, लस्सी तथा ओआरएस घोल का उपयोग करना चाहिए, जिससे शरीर में जल की कमी न हो और गर्मी का प्रभाव कम किया जा सके।

उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनना चाहिए, जो पसीना सोखने में सहायक हों। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें तथा तेज धूप से बचने के लिए छाता, गमछा या टोपी का प्रयोग करें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी अवश्य रखें।

लू के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी महसूस होना, अत्यधिक पसीना आना अथवा झटके जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे लू का प्रभाव समझते हुए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर उसके शरीर को गीले कपड़े से पोंछें अथवा ठंडे पानी से स्नान कराएं, जिससे शरीर का तापमान सामान्य हो सके।

उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों एवं बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहनों में न छोड़ें, क्योंकि इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। पशुओं को छायादार स्थान पर रखें तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। दिन के समय पशुओं के पीने के पानी में बर्फ के टुकड़े डालकर उसे ठंडा बनाए रखने की व्यवस्था करें।

उन्होंने यह भी कहा कि संतुलित, हल्का एवं ताजा भोजन करें तथा बासी एवं अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। अत्यधिक श्रम वाले कार्यों को दिन के ठंडे समय में ही करने का प्रयास करें तथा स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार की जानकारी भी आवश्यक है।

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