बदायूं : सरकारी अस्पताल के आवास के बाथरूम में मिला सरकारी डाक्टर का शव बदन पर नहीं था एक भी कपड़ा
बदायूं : आज जनपद के सरकारी अस्पताल में तैनात एनस्थीसिया के 50 वर्षीय डाक्टर गणेश यादव का शव उनके सरकारी आवास के बाथरूम में नग्न अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सूचना पर पहुंची पुलिस के अनुसार, बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। आशंका जताई जा रही है कि नहाते समय उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे वह फर्श पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर गणेश यादव सरकारी आवास में अकेले रहते थे। घटना का पता उस वक्त चला, जब उन्होंने घरवालों के कई बार फोन करने पर भी कॉल रिसीव नहीं की। परिजनों ने उनके बगल में रहने वाले जिला महिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. इंदुकांत को फोन किया। उन्होंने डॉक्टर के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। डॉ. गणेश मूल रूप से मैनपुरी के रहने वाले थे। डॉ. गणेश 2023 से बदायूं जिला अस्पताल में पोस्टेड थे। वह एनेस्थीसिया विशेषज्ञ थे। वह हार्ट के मरीज थे। उन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका था। वह दिल्ली एम्स से इलाज करवा रहे थे।
डॉ. गणेश यादव का परिवार मुरादाबाद की इंदिरा आवास सोसाइटी, मिलन बिहार में रहता है। परिवार में 14 साल का बेटा और 10 साल की बेटी है। डॉक्टर गणेश यादव के बगल में रहने वाले जिला महिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. इंदुकांत ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे उनके पास डॉ. गणेश के घर से कॉल आया था। परिजनों ने बताया था कि वे काफी देर से डॉ. गणेश के नंबर पर कॉल कर रहे थे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया कि वह तुरंत उनके घर पहुंचे और कई बार आवाज लगाई व गेट खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सुबह 11:20 बजे अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। 11:45 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा। अंदर दाखिल होने पर डॉ. गणेश का शव बाथरूम में नग्न पड़ा था। पुलिसकर्मियों ने कपड़े पहनाकर शव को बाहर निकाला। उनके आवास से कोई सामान गायब नहीं मिला है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने के कोई सुराग मिले हैं। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
























