लखनऊ के युवाओं को यूपीएससी में जलवा,समाज कल्याण मंत्रालय की कोचिंग से मिली सफलता

लखनऊ के युवाओं को यूपीएससी में जलवा,समाज कल्याण मंत्रालय की कोचिंग से मिली सफलता

 लखनऊ। लखनऊ के युवाओं को यूपीएससी में जलवा कायम हो गया। समाज कल्याण मंत्रालय की कोचिंग से मिली है सफलता। निःशुल्क कोचिंग और अभ्युदय योजना से तैयार हुए अभ्यर्थी – सुकृत कुमार सिंह और मीनू रावत बनीं असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) तो निशु शुक्ला और वंशिका सिंह बनीं कमर्शियल टैक्स ऑफिसर

-संजीव कुमार बाजपेई ने भी नायब तहसीलदार बन नाम किया रौशन। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से हम युवाओं को समान अवसर दे रहे हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर हमारे युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री कहा कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच भी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन समाज कल्याण मंत्रालय की निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जुड़े अभ्यर्थियों ने यह कर दिखाया है। कोचिंग और योजना से मिले मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों के सहयोग से लखनऊ के सुकृत कुमार सिंह, मीनू रावत, निशु शुक्ला, वंशिका सिंह और संजीव कुमार बाजपेई ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा UPPCS-2024 परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार किया।

गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित नि:शुल्क आवासीय कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण के नेतृत्व में इन केंद्रों ने प्रतिभाशाली युवाओं को वह मंच दिया है, जिससे वे अपने सपने साकार कर रहे हैं।

हॉस्टल से लेकर लाइब्रेरी तक की सुविधा

भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को नि:शुल्क हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलती है। इसके साथ ही विषय विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेते हैं और मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास, मॉडल टेस्ट करवाए जाते हैं। वहीं अभ्युदय योजना प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थियों को यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क करवाई जाती है।

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