श्रीराम जन्मोत्सव में लंका दहन से रामराज्य तक गूंजा भक्ति रस, आरती में उमड़ा जनसैलाब
रामेश्वर प्रजापति छांगुर
नगरा (बलिया)। स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर के सामने आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव के तहत नौ दिवसीय रामकथा प्रवचन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा के दौरान लंका दहन, मेघनाथ वध, कुंभकरण वध, रावण वध एवं रामराज्य स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली वर्णन किया गया। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी की ओजस्वी वाणी सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
महाराज विजय कौशिक जी ने अपने प्रवचन में बताया कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रावण वध के प्रसंग के माध्यम से अहंकार के अंत और सत्य की विजय का संदेश दिया, वहीं रामराज्य की व्याख्या करते हुए आदर्श समाज की परिकल्पना को सरल शब्दों में समझाया।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। समापन अवसर पर भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, महामंत्री आलोक शुक्ला, समाजसेवी राजबहादुर, अंशु सिंह, राजू सिंह चंदेल, जयप्रकाश जायसवाल, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी सिंह, संजय गुप्ता, राजू सोनी, रामायण ठाकुर, ओके जायसवाल, संजीव गिरी, दीपक, संजीव सिंह, रिंकू वर्मा, संजय सिंह, अमन पांडे, गणपति,गोलू प्रजापति,जयशंकर सिंह सहित अनेक लोगों ने भगवान प्रभु श्रीराम की आरती में भाग लिया तथा महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करने का माध्यम सिद्ध हुआ।
























