नगरा ब्लाक में TET अनिवार्यता के खिलाफ ‘शिक्षक की पाती’ आंदोलन, राष्ट्रपति से लेकर CM तक पोस्टकार्ड भेजे
संजीव सिंह बलिया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के केन्द्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के क्रम में नगरा ब्लाक के सभी प्रमुख घटक संगठनों के पदाधिकारियों व संघर्षशील शिक्षकों द्वारा टेट अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 9 मार्च से 15 मार्च तक चल रहे शिक्षक की पाती कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश महोदय, माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, नेता प्रतिपक्ष भारत एवं उत्तर प्रदेश आदि प्रमुख गणमान्य प्रतिनिधियों को पोस्टकार्ड भेजे गए।उपस्थित समस्त शिक्षक व शिक्षिका बहनों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई है, इसे हमें हर मोर्चे पर लड़ना होगा। इस लड़ाई में हम सभी शिक्षक एक साथ हैं और साथ मिलकर हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि RTE Act लागू होने से पूर्व नियुक्त एवं टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को TET अनिवार्यता का आदेश पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपरा के विपरीत है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के साथ नौनिहालों का भविष्य एवं अस्तित्व पर संकट आ गया है।
अतः सरकार से अपेक्षा है कि वह आवश्यक कार्यवाही कर आदेश को शिक्षक एवं राष्ट्र हित में निरस्त कराने की दिशा में सार्थक पहल करे।इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले नगरा ब्लाक के सर्व श्री राकेश सिंह (अटेवा), ब्रजेश सिंह (प्रा.शि.संघ), राहुल तिवारी (TSCT), राघवेन्द्र प्रताप राही (विशिष्ट बीटीसी), सुदीप तिवारी (RSM), राजीव नयन पाण्डेय, प्रदीप सिंह मुकेश, हेमंत यादव, गिरीजेश उपाध्याय, राहुल उपाध्याय, सुभाष, निर्भय नारायण सिंह , संजीव सिंह ‘दारा’, राणा प्रताप सिंह, राजीव गुप्ता, राजीव शुक्ला, हरेंद्र यादव सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
























