Sunday, February 15

लखनऊ/जौनपुर।नियुक्तियों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर बरसीं डॉ. रागिनी सोनकर

नियुक्तियों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर बरसीं डॉ. रागिनी सोनकर

युवा न सो पा रहा है, न रो पा रहा है, शादियाँ तक रुकीं

 लखनऊ/जौनपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मछलीशहर (जौनपुर) से विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने सरकार को युवाओं के रोजगार और प्रदेश की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर घेरा। उन्होंने सदन में नियम 56 के अंतर्गत बोलते हुए सरकार की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए।

नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली और युवाओं का दर्द

सरकारी नियुक्तियों में हो रही देरी और विसंगतियों पर डॉ. सोनकर ने बेहद भावुक और तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा “आज उत्तर प्रदेश का शिक्षित युवा अवसाद में है। नियुक्तियां न होने के कारण युवाओं की शादियाँ नहीं हो पा रही हैं। वह न ठीक से सो पा रहा है, न रो पा रहा है। रोजगार केवल रिक्त पद भरना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों का आधार है।”

उन्होंने लोक सेवा आयोग (UPPSC) सहित अन्य विभागों में हुई नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि सरकार विगत वर्षों की नियुक्तियों का विवरण सदन के पटल पर रखे और एक ऐसी स्पष्ट नीति बनाए जहाँ ‘सिफारिश’ नहीं, बल्कि ‘योग्यता’ को सम्मान मिले।

प्रयागराज कांड और ‘फर्जी एनकाउंटर’ पर सरकार को घेरा

• डॉ. सोनकर ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को “विफल” बताते हुए प्रयागराज के खटिक समाज के चार नाबालिग बच्चों (करन, प्रिंस, प्रतीक और प्रियांशु) की संदिग्ध मृत्यु का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इसे साधारण डूबने का मामला बताकर रफा-दफा करना चाहती है, जबकि यह एक गंभीर साजिश है। इसके साथ ही, उन्होंने पप्पू सोनकर और अरविंद सोनकर के मामले का जिक्र करते हुए इसे ‘कथित फर्जी एनकाउंटर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हिरासत में लेने के बाद 28 जनवरी को गोली मारना मानवाधिकारों का हनन है। मृतक के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा, जमीन का पट्टा और आवास दिया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *