Tuesday, February 17

बलिया।झमाझम बारिश से खिल उठे किसान, धान के खेतों में लौटी जान, उमस से बेहाल लोगों को भी राहत।

झमाझम बारिश से खिल उठे किसान, धान के खेतों में लौटी जान, उमस से बेहाल लोगों को भी राहत।

 ओमप्रकाश वर्मा नगरा (बलिया)।

रविवार की भोर से ही बलिया के नगरा क्षेत्र में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने पूरे इलाके का मौसम ही बदल दिया। तेज बारिश के चलते सुबह उठने पर लोगों को सड़कों पर पसरा सन्नाटा देखने को मिला। चार दिन की चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिल ही गई।

जहां शहर और कस्बों में बारिश से कुछ देर के लिए दिक्कतें जरूर हुईं, वहीं गांवों में किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। किसान गदगद हैं कि यह बारिश बिल्कुल सही समय पर हुई है, जब धान के पौधों को इसकी सबसे अधिक जरूरत थी।

रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश से इलाके का अधिकतम तापमान गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो शनिवार को 33 डिग्री सेल्सियस के करीब था। तापमान में गिरावट से आम लोगों को उमस से राहत मिली है।

स्थानीय बाजारों की बात करें तो सुबह 8 बजे तक लगातार हुई बारिश के कारण दुकानें नहीं खुल सकीं। कई जगह जलजमाव हो गया। सड़कों पर सवारी ढोने वाले ऑटो और टेंपो चालक भी सवारी का इंतजार करते नजर आए। हालांकि रविवार होने के कारण सरकारी दफ्तरों की ओर जाने वाले लोगों की संख्या कम ही रही।

इस बारिश ने सबसे ज्यादा मुस्कान किसानों को दी है। पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में दरारें पड़ गई थीं, और धान के पौधे मुरझाने लगे थे। नहरों में भी इस साल पर्याप्त पानी नहीं आया, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई थीं।

नगरा के किसान रमेश चंद ने बताया, “यह बारिश अमृत से कम नहीं है। नहरों के सहारे खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। अब खेत लबालब हो गए हैं।”

किसान राम जी यादव का भी यही कहना है, “यह बारिश बिलकुल वक्त पर आई है। धान के साथ-साथ सब्जियों के लिए भी फायदेमंद होगी।”

किसान दिवाकर बताते हैं, “कई किसान खाद डाल चुके हैं और कुछ ने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी किया है। बारिश से खाद सीधे जड़ों तक पहुंच जाएगी और पौधे मजबूत होंगे।”

इस बार धान की रोपाई कई इलाकों में समय से हो गई थी, लेकिन पानी की कमी के कारण पौधों की बढ़त में दिक्कत आ रही थी। अब बारिश के पानी से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसल की वृद्धि तेजी से होगी।

गांवों के रास्ते जरूर कीचड़ से भर गए हैं, लेकिन किसानों की खुशी के आगे ये परेशानियां छोटी पड़ रही हैं। महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। खेतों में हल चलाते किसान अब नई उम्मीदों के साथ अपनी फसल को लेकर आश्वस्त हैं।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि यह बारिश जहां आम जनता के लिए राहत बनकर आई है, वहीं किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। अगर अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बना रहा, तो इस साल बलिया के खेतों से अच्छी पैदावार की उम्मीद की जा सकती है।

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