नीले ड्रम हत्याकांड में आरोपी साहिल और मुस्कान को कोर्ट ने दी सजा ए मौत ,सज़ा सुनते ही रोने लगे दोनों आरोपी
मेरठ ।जनपद में 3 मार्च 2025 में हुए नीले ड्रम कांड में आज कोर्ट ने एक अक्तूबर को सुरक्षित रखे अपने फैसले को सुनाते हुए दोनों आरोपियों को फांसी की सज़ा का ऐलान किया जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट ने दोनों आरोपियों की पेशी करके उनको सजा सुनाई सज़ा सुनते ही दोनों आरोपी दहाड़े मार कर रोने लगे वही मृतक सौरभ राजपूत के परिजनों ने 13 महीने ट्रायल के बाद आए कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अपने मृतक बेटे की आत्मा को शांति पहुंचाने वाला फैसला बताते हुए सजा सुनाने वाले न्यायाधीश का धन्यवाद ज्ञापित किया।
आपको बताते चले कि मर्चेंट नेवी में काम कर चुके सौरभ राजपूत फरवरी 2025 के आखिरी सप्ताह में विदेश से मेरठ लौटे थे। वह छुट्टी लेकर पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मनाने भारत आए थे। इसी दौरान उन्हें मुस्कान और साहिल के संबंधों की जानकारी हुई। आरोप था कि सौरभ उनके रिश्ते में बाधा बन रहे थे, जिसके बाद दोनों ने उनकी हत्या की योजना बनाई। और 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। सौरभ के बेहोश होने के बाद उसने साहिल को घर बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ का गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पहचान और सबूत छिपाने के लिए बाथरूम में शव के टुकड़े किए गए। अगले दिन दोनों एक बड़ा नीला ड्रम, सीमेंट और बालू लेकर आए। शव के टुकड़ों को ड्रम में डालकर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया गया, ताकि दुर्गंध बाहर न निकले और वारदात का पता न चले। सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला-मनाली घूमने चली गई। दोनों करीब 13 दिनों तक वहां रहे। इस दौरान मुस्कान सौरभ के फोन और सामाजिक माध्यमों का इस्तेमाल करती रही, जिससे परिजनों को उनके जीवित होने का शक न हो। उसने परिवार को बताया था कि वह सौरभ के साथ घूमने गई है। वापस लौटने के बाद जब बेटी ने अपने पिता से मिलने की जिद की, तो मुस्कान ने परिवार को बताया कि सौरभ को अचानक विदेश लौटना पड़ा है। हालांकि, बेटी के बार-बार पूछने और परिजनों के सवालों के कारण परिवार का शक बढ़ने लगा। 18 मार्च 2025 को सौरभ का भाई राहुल उनके घर पहुंचा। वहां साहिल की मौजूदगी और घर से आ रही दुर्गंध के कारण उसे संदेह हुआ। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने घर की तलाशी ली और नीला ड्रम खोला, तो उसके अंदर सौरभ के शव के टुकड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।
13 महीने के ट्रायल के बाद कल शाम सुनाई सज़ा ए मौत
14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे। करीब 13 महीने तक चली सुनवाई, 127 तारीखों और 22 से अधिक गवाहों के बयान के बाद अदालत ने सजा का ऐलान किया। सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। न्यायाधीश ने दोनों से पूछा कि वे सजा से पहले कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। दोनों ने अपनी बात रखने से इनकार कर दिया। मुस्कान और साहिल फिलहाल मेरठ के चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं।
























