शाहजहांपुर।दुस्साहस : शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या करके वही जला दी चिता सुबह जले हुए मिले शव मचा हड़कंप

दुस्साहस : शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या करके वही जला दी चिता सुबह जले हुए मिले शव मचा हड़कंप

मंदिर संरक्षक शिवकुमार ने लगाया देव स्थान खाली कराने को गांव के सुमित पर हत्या का आरोप, हिरासत में आरोपी

मुजीब खान

शाहजहांपुर : जनपद के थाना खुदागंज क्षेत्र के ग्राम सूथा में आज सुबह सात बजे उस समय हड़कंप मच गया जब का गांव का सफाई कर्मी मंदिर की सफाई के लिए मंदिर पहुंचा तो मंदिर के अंदर ही दो चिताएं जल रही थी जिसमें दो लोगों के आधे से अधिक जले शव मिले जिसकी सूचना उसने गांव में दी तो मंदिर में रहने वाले सन्यासी गोपाल दास और बिहारी दास की तलाश की तो पता चला चिताओं में जलने वाले और कोई नहीं मंदिर के दोनों साधु ही है जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आला अधिकारियों को सूचना दी जिस पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सुराग जुटाने का कार्य शुरू किया । क्योंकि एक साधु का शव जलकर कंकाल हो चुका था जबकि दूसरे साधु का शव जल रहा था जिसको पुलिस द्वारा अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही को भेजा है।

पूछताछ पर मंदिर के संरक्षक शिव कुमार ने बताया कि गांव रहने वाला सुमित जो अभी कुछ दिन पूर्व गंभीर आरोप में जेल से जमानत पर छूट कर आया है जो कई दिनों से दोनों साधुओं के साथ उठ बैठ रहा था शिवकुमार ने बताया कि उक्त देव स्थान की जगह को सुमित खाली कराना चाहता था इसको लेकर दोनों साधुओं से कई बार वह यहां से जाने को भी बोल चुका है जिसको बात साधुओं नहीं मानी तो शायद उसी ने घटना को अंजाम दिया है पुलिस ने शिवकुमार की तहरीर पर शक की बिनाह पर सुमित नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

घटना जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर खुदागंज की है। साधुओं की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में रहते थे। गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले साधु गोपाल दास (70) कथावाचक थे। वह करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे, जबकि बिहारी दास (60) हमारे ही गांव के रहने वाले थे। पहले बिहारी दास सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने। इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे थे। मृतक गोपालदास चार भाईयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई रामदुलारे, रामकिशोर औद रामनिवास हैं। सभी मंदिर से 15 किमी दूर अजीजगंज मोहल्ले में रहते हैं। रामदुलारे ने बताया कि गोपालदास की पत्नी विज्जावति की 25 साल पहले मौत हो गई थी। बेटी सरस्वती की शादी हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद वह घर से चले गए थे और मंदिर की देखरेख कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले घर आए थे और कहा था कि वह गया जी जाना चाहते हैं। 5 दिन पहले गया जी जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में चोट लगने की वजह से लौट आए। मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया- सुबह 7 बजे मंदिर पहुंचा तो शव जलते मिले। रात में उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। बुधवार दोपहर 3 बजे उनसे आखिरी बार मिला था। इसके बाद मैं घर चला आया था। मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने कहा- सुबह सफाई करने मंदिर पहुंचा तो देखा दोनों लाशें जल रही थीं।

गांव में ही रहने वाले मंदिर के संरक्षक शिवकुमार ने बताया- पास में ही रहने वाले सुमित ने हत्या की है। उसने कई बार इन पर हमला किया था। सुमित एक महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसने कुछ समय पहले ही उसने गांव के एक व्यक्ति की कार जला दी थी। परिवार ने ये कहकर जमानत करवाई थी कि अब वह ऐसी हरकते नहीं करेगा। मंदिर के संरक्षक शिव कुमार सिंह ने मामले में शिकायत दी है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बताया- पीआरवी को सूचना मिली थी कि दो साधुओं को जला दिया गया। खुदागंज पुलिस ने मौके पर देखा तो शव बुरी तरह जले पाए गए। आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्यारोपी सुमित (35) शादीशुदा है। परिवार में पत्नी नीलम के अलावा उसके दो जुड़वा बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। दोनों की उम्र 10 साल है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। उसका मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज भी चल रहा है।एसपी सौरभ दीक्षित पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ-साथ मृतक के परिवार से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। टीम मंदिर परिसर में घटना से संबंधित साक्ष्य जुटा रही है।

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