पैरों से लिखती पायल की कहानी सुनकर अधिकारी पहुंचे स्कूल, बीईओ ने दी पढ़ाई की किट; अब निगाहें जिलाधिकारी पर
नवानगर ब्लॉक के डुहा बिहरा गांव की कक्षा सात की छात्रा जन्म से दोनों हाथों से दिव्यांग, फिर भी पैरों से लिखकर बना रही सफलता की इबारत
संजीव सिंह बलिया। जनपद के नवानगर शिक्षा क्षेत्र के डुहा बिहरा गांव की कक्षा सात की छात्रा पायल जन्म से दोनों हाथों से दिव्यांग है, लेकिन हौसले से वह पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही है। मीडिया में उसकी कहानी सामने आने के बाद उसकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पंकज कुमार सिंह पायल के स्कूल पहुंचे और उसे पढ़ाई के लिए जरूरी किट सौंपी। अधिकारी ने पायल से बातचीत कर उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और कहा कि उसकी शिक्षा में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जरूरत के हिसाब से हरसंभव मदद की जाएगी, जिससे पायल और उसके परिवार में खुशी का माहौल है।
हालांकि, अब पायल की नजरें जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह पर टिकी हैं। उसे उम्मीद है कि जिलाधिकारी भी उसकी मदद के लिए आगे आएंगे। हाल ही में जिलाधिकारी ने महुलानपार गांव की दोनों पैरों से दिव्यांग छात्रा ज्योति को बैटरी वाला ई-रिक्शा दिया था, जिससे उसे पढ़ाई और आने-जाने में मदद मिली। उन्होंने मनियर थाना क्षेत्र के रानीपुर की रागिनी से भी मिलकर ट्राई साइकिल दी थी और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया था।
पायल पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही है और बड़ी होकर शिक्षिका बनने का सपना देखती है। अब वह इसी उम्मीद में बैठी है कि जिलाधिकारी एक दिन उसके गांव आएंगे, उससे मिलेंगे और उसकी जरूरत के अनुसार सहायता का रास्ता निकालेंगे। पायल को अब प्रशासन की अगली पहल का इंतजार है।
























