छात्र-शिक्षकों ने मिलकर मनाया स्वतंत्रता दिवस; कोदई प्राथमिक विद्यालय में ध्वजारोहण व सांस्कृतिक कार्यक्रम से उमड़ा जोश
संजीव सिंह बलिया। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 15 अगस्त को कोदई प्राथमिक विद्यालय में भव्य ध्वजारोहण तथा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय अतिथियों ने मिलकर स्वतंत्रता उत्सव को गरिमापूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी के साथ नियत समय पर ध्वजारोहण से हुई, जिसमें विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष श्रीवास्तव, प्रधान प्रतिनिधि शिवलाल राम तथा मुख्य अतिथि सपा के जिला मीडिया प्रभारी कमलेश कुमार भारती ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तिरंगे को सलामी दी और देशभक्ति की भावना का परिचय दिया।
ध्वजारोहण के उपरांत समस्त विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया, जिससे परिसर में अनुशासन व एकता का प्रभाव साफ दिखाई दिया। बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित गीत, भाषण और नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों में बच्चों की निष्ठा और उत्साह साफ झलक रहा था, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावशाली बना।
मुख्य अतिथी कमलेश कुमार भारती ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया तथा बच्चों से देश के प्रति निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा बनाये रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्नेहपूर्वक सभी विद्यार्थियों को कॉपी, पेन, पेंसिल व इरेज़र जैसे शैक्षिक सामग्री भी वितरित किए, जिससे बच्चों में खुशी और पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहन बना।
कार्यक्रम संयोजक आशीष श्रीवास्तव, सहायक अध्यापक संजीव गुप्ता,सहायक अध्यापिका रंजना साहनी के नेतृत्व में भवानी प्रसाद गुप्ता, रूपा तिवारी, आंगनवाड़ी कर्मी कुसुम सिंह, आंगनवाड़ी शशिबाला सिंह, सहायिका निर्मला, राधा, रसोइया देवन्ती, दसवनती, कैलाश यादव, सफाईकर्मी राज कुमार सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं स्टाफ ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी की। समारोह के अंत में बच्चों में मिठाइयां बांटी गईं, जिससे कार्यक्रम का समापन उल्लासपूर्ण हुआ।
यह कार्यक्रम न केवल स्वतंत्रता दिवस की गरिमा को प्रदर्शित करता है, बल्कि दर्शाता है कि शिक्षा और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ग्रामीण विद्यालयों में भी देशभक्ति, अनुशासन व सामाजिक चेतना का निर्माण संभव है। कोदई प्राथमिक विद्यालय के इस आयोजन ने छोटे विद्यालयों की भी सामाजिक और शैक्षिक ऊर्जा को उजागर किया।
























