झमाझम बारिश में निकले जगन्नाथ, आस्था के सागर में डूबा नगरा
इंद्रदेव की कृपा के बीच निकली भव्य रथयात्रा, बारिश में भी नहीं डिगी श्रद्धा, गूंजता रहा “जय जगन्नाथ”
रामेश्वर प्रजापति छांगुर
नगरा (बलिया)। नगरा ने एक ऐसा अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखा, जिसे श्रद्धालु वर्षों तक याद रखेंगे। जैसे ही भगवान श्रीजगन्नाथ का रथ सिकंदरपुर मार्ग स्थित पांडे मैरिज हॉल से निकला, आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश के बावजूद न तो श्रद्धालुओं का उत्साह कम हुआ और न ही रथयात्रा की रफ्तार थमी। भक्त इसे भगवान श्रीजगन्नाथ की असीम कृपा और इंद्रदेव का दिव्य स्वागत मानते रहे।
रथयात्रा पांडे मैरिज हॉल से प्रारंभ होकर दुर्गा चौक, हनुमान चौक, थाना मोड़, घोसी मार्ग और बेल्थरा मार्ग से होते हुए पुनः कार्यक्रम स्थल पहुंची। पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ”, “हरे राम-हरे कृष्ण” और “हरि बोल” के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। बारिश की बूंदों के बीच सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु प्रभु के रथ की रस्सी थामे भजन-कीर्तन करते हुए झूमते रहे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले हों।
बरसती फुहारों के बीच श्रद्धालुओं के चेहरे पर अद्भुत आनंद और भक्ति का भाव देखने को मिला। किसी ने बारिश से बचने की कोशिश नहीं की, बल्कि सभी इसे प्रभु का प्रसाद मानकर भक्ति में लीन रहे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया और रथ के दर्शन कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
रथयात्रा के समापन पर पांडे मैरिज हॉल में भगवान श्रीजगन्नाथ की भव्य आरती हुई तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में मुस्तैद रहा।
आस्था, भक्ति और प्रकृति का यह अद्भुत संगम नगरावासियों के लिए अविस्मरणीय बन गया। झमाझम बारिश के बीच निकली यह रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीजगन्नाथ की कृपा और उनकी अनंत लीला का सजीव अनुभव बन गई।
























