लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने पूरनपुर क्षेत्र के गांवों का दौरा कर गन्ना सर्वे में दर्ज किसानो का किया भौतिक सत्यापन
गन्ना किसानों से संवाद के दौरान किसानो को दी नवीन गन्ना किस्मों को अपनाने की सलाह
मुजीब खान
पीलीभीत। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजीव कुमार (विभागाध्यक्ष, फसल सुधार) एवं डॉ. एन. के. राठौर (वैज्ञानिक, फसल सुधार) ने जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव के साथ किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम दुधिया खुर्द, गंजरौला खास, उदय करणपुर, गैरतपुर, खमरिया पट्टी एवं जटपुरा का भ्रमण कर गन्ना सर्वे के दौरान दर्ज गन्ना किस्मों का भौतिक सत्यापन किया।
भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें वैज्ञानिक एवं आर्थिक दृष्टि से लाभकारी गन्ना उत्पादन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे ऐसी गन्ना किस्मों की बुवाई से बचें जिनकी चीनी मिलों में मांग कम है, जिनका मूल्य अपेक्षाकृत कम प्राप्त होता है तथा जिनकी गन्ना पर्ची देर से जारी होती है। इसके स्थान पर किसानों को अधिक उपज देने वाली अगती एवं अनुशंसित गन्ना किस्मों की बुवाई करने की सलाह दी गई, जिससे उन्हें समय पर गन्ना आपूर्ति का अवसर मिलने के साथ-साथ बेहतर उत्पादन एवं अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित गन्ना किस्मों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों एवं उन्नत किस्मों के प्रयोग से ही गन्ना उत्पादन, चीनी परता तथा किसानों की आय में प्रभावी वृद्धि संभव है।
इस अवसर पर मनीष कुमार सिंह (ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, पूरनपुर), अमित चतुर्वेदी (मुख्य गन्ना अधिकारी, पूरनपुर) सहित गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिल के अधिकारी तथा क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
























