रिश्वतखोरी : 10 हजार की रिश्वत लेते बेसिक शिक्षा विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर और जिला समन्वयक गिरफ़्तार
सहायक अध्यापिका ने की थी शिकायत अनुपस्थित पत्रिका के निस्तारण को मांगे थे 10 हजार रिश्वत
मुजीब खान
शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का दावा कर रही है वही रिश्वतखोर भ्रष्टाचार फैलाने से पीछे नहीं हट रहे आए दिन अपराध निरोधक दस्तों द्वारा कार्यवाही करते हुए रंगे हाथों सरकारी कर्मचारी और अधिकारी दबोचे जा रहे है लेकिन रिश्वत खोर है कि कहते दिख रहे है कि हम नहीं सुधरेंगे आज जनपद शाहजहांपुर की एक अध्यापिका को शिकायत पर एंटीकरप्शन टीम ने अपना जाल बिछा कर जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक समन्वयक को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया एंटीकरप्शन टीम की इस कार्यवाही से विभाग में हड़कंप मच गया।
एंटी करप्शन टीम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दो कर्मचारियों को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया गया कि बरेली मंडल की एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में की। टीम ने कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार और जिला समन्वयक निश्चय सिंह को रिश्वत लेते समय दबोच लिया। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को कोतवाली सदर बाजार लाया गया, जहां आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। मामले की शिकायत रेनू शुक्ला ने की थी, जो कंपोजिट स्कूल पैना बुजुर्ग में सहायक अध्यापक हैं। उनका आरोप था कि अनुपस्थिति पत्रावली के निस्तारण के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
वही इस विषय पर जनपद की बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता ने कहा कि जो कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए है उनके खिलाफ कार्यवाही होना ही है लेकिन जिस अध्यापिका द्वारा शिकायत की गई है उसके विरुद्ध अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया था जो अभी तक अध्यापिका द्वारा नहीं दिया गया है।
























