शाहजहांपुर।आरटीओ का विभागीय मंत्री दयाशंकर सिंह के सार्वजनिक चरण स्पर्श व्यक्तिगत बफादारी या कुछ और ?

आरटीओ का विभागीय मंत्री दयाशंकर सिंह के सार्वजनिक चरण स्पर्श व्यक्तिगत बफादारी या कुछ और ?

मुजीब खान

शाहजहांपुर । जनपद में आज अहिल्याबाई होलकर सैटेलाइट बस स्टेशन का लोकार्पण वित्त मंत्री सुरेश खन्ना एवं राज्यमंत्री परिवहन विभाग दयाशंकर सिंह द्वारा करके जनता के सुपर्द किया गया लेकिन इस दौरान एक ऐसा नजारा सामने आया जिसकी चर्चा राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में गूंज रही है यहां हुआ कुछ यूं कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना तो कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व ही मंच पर आ गए थे और प्रतीक्षा की जा रही थी परिवहन मंत्री के आने की जैसे ही मंत्री जी की गाड़ी दिखाई दी वैसे उनकी आगवानी के लिए जनपद के जिला अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और जनपद एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह उनके पास पहुंचे सबसे पहले जिला अधिकारी द्वारा मंत्री जी का हाथ जोड़कर अभिवादन किया गया इसके बाद वीआरटीओ सर्वेश ने पहले हाथ जोड़े फिर कुछ सोच कर सार्वजनिक स्थान पर चरण स्पर्श कर डाले लेकिन मीडिया के कैमरों से नहीं बच पाए किसी तेज तर्रार रिपोर्टर में चरण स्पर्श करते हुए उनकी रील बना डाली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी । (वायरल वीडियो की पुष्टि सत्य रथ नहीं करता है।)

अब सवाल यह उठता है कि एक प्रशासनिक पद पर रहते हुए एक सिविल सेवक का अपने विभागीय और सजातीय मंत्री के सार्वजनिक स्थान पर चरण स्पर्श करना अखिल भारतीय सेवा नियमावली के निर्देशों का खुला उल्लंघन नहीं है क्योंकि भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 में खुले शब्दों में सिविल सेवकों को अराजनैतिक रहने के निर्देश दिए गए है। लेकिन प्रशासनिक पद पर रहते हुए क्या इस नियमावली का ज्ञान नहीं है या फिर वह अधिकारी जो अपने विभाग में हर किसी को प्रयास करता हो वह अपने विभागीय मंत्री के चरण स्पर्श करके लोगो को मंत्री से बेहतरीन संबंध होने का प्रमाण देना चाह रहे थे ।

हो कुछ भी लेकिन भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 इस प्रकार के कृत्य करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही के भी निर्देश देती है । लेकिन अब यह देखना है कि भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 का मान रखते कार्यवाही की जायेगी या फिर सोर्स सिफारिश और मंत्री से निकटता दोषी अधिकारी के लिए वरदान बनेगा और दीर्घायु होने का आशीर्वाद मिलेगा यह आने समय बताएगा हालांकि व्यार्थियों का यह असंवैधानिक कार्य प्रशासनिक अमले में बेचैनी बढ़ा रहा है।

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