प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के उत्पीड़न का आरोप, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी
जौनपुर। जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित बच्चों के पिता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और बाल संरक्षण अधिनियम की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता विनोद कुमार शर्मा के अनुसार उनके बच्चे प्राथमिक विद्यालय औंका, बक्शा में पढ़ते हैं, जहां शिक्षकों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि बच्चों को कड़ी धूप में खड़ा कर बार-बार उठक-बैठक कराई गई, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई।
पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी और स्थानीय थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही मांग की थी कि बच्चों की परीक्षा किसी अन्य विद्यालय में कराई जाए, ताकि वे भयमुक्त वातावरण में परीक्षा दे सकें। इस संबंध में जांच कमेटी भी गठित की गई, लेकिन इसके बावजूद बच्चों की परीक्षा दूसरे विद्यालय में नहीं कराई गई।
आरोप है कि शिकायत के बाद बच्चों के साथ और सख्ती बरती गई, मारपीट की गई और उन्हें विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया। इसके चलते बच्चे कई महीनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और वे मानसिक रूप से भी परेशान हैं।
पीड़ित का कहना है कि पूरे मामले में सर्वोच्च न्यायालय के बच्चों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों और बाल संरक्षण कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
पीड़ित अभिभावक ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
























