भदोही।मनरेगा बचाओ ‘जनचौपाल’ : जन अधिकार यात्रा का छठा दिन कनकपुर में धमाल।

मनरेगा बचाओ ‘जनचौपाल : जन अधिकार यात्रा का छठा दिन कनकपुर में धमाल।

शरद बिंद 

दुर्गागंज,भदोही । गांधीवादी युवाओं के नेतृत्व में चल रही ‘मनरेगा बचाओ जनचौपाल’ जन अधिकार यात्रा का छठा दिन मंगलवार को अभोली ब्लॉक के कनकपुर में जोरदार रहा। विभिन्न गांवों में आयोजित जन चौपालों में युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। वक्ताओं ने एकजुट होकर मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को कमजोर करने की केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा की।

चौपाल को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की संकल्पना शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों का प्रतीक थी। उनके नाम पर बनी मनरेगा योजना को तानाशाही और मजदूर-विरोधी नीतियों से ध्वस्त किया जा रहा है। युवा कांग्रेस नेता मृत्युंजय सिंह टोनी, संचालक ने कहा, “देश का युवा इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वीबी-जी राम जी’ जैसी योजनाएं कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे मजदूर बेरोजगारी और असुरक्षा की चपेट में आ रहे हैं। समाज में असंतोष बढ़ रहा है, जबकि महिलाओं के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा। ‘गारंटी’ जैसे शब्दों को पूरी तरह भ्रामक बताया गया।

यूपी युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेश कुमार मिश्रा (इलाहाबाद) ने कहा, “यह नीति कॉर्पोरेट के लिए बनी है, जो मजदूर-विरोधी सरकार की पहचान है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।” एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अक्षय यादव ‘क्रांतिवीर’ (इलाहाबाद) ने जोर देकर कहा, “मनरेगा काम का अधिकार था, जबकि वीबी-जी राम जी महज छलावा।” प्रदेश महासचिव यूथ कांग्रेस आदर्श प्रजापति (प्रतापपुर) ने चेतावनी दी, “इससे सबसे ज्यादा महिला मजदूर प्रभावित होंगी। यह रोजगार पर सीधा हमला है।”

आयोजकों ने बताया कि यह 125 किलोमीटर लंबी यात्रा 11 दिनों में 225 ग्राम पंचायतों से गुजरेगी। प्रयागराज से शुरू होकर काशी तक पहुंचने वाली यह यात्रा 15 ब्लॉकों को कवर करेगी। हर 15 किलोमीटर पर विशाल जनचौपाल आयोजित होंगे, जिसमें ग्रामीण मजदूर-किसान शामिल होंगे। समापन वाराणसी के राजघाट पर होगा।

इस मौके पर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष आनंद मौर्य, प्रदेश महासचिव अर्शिया खान, गौरव यादव, अभिनव तिवारी संगम (रायबरेली) सहित छात्र-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यात्रा ग्रामीण भारत के अधिकारों की लड़ाई को नई ऊर्जा दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *