आजमगढ़।विकास कार्यों की बलि चढ़ा नथूपुर! पहले निकाला बजट, अब जांच से डरकर लीपापोती में जुटे ग्राम प्रधान

विकास कार्यों की बलि चढ़ा नथूपुर! पहले निकाला बजट, अब जांच से डरकर लीपापोती में जुटे ग्राम प्रधान

14 सितंबर को हुई धांधली की शिकायत के बाद हड़कंप, सबूत मिटाने के लिए आनन-फानन में कराया जा रहा घटिया निर्माण कार्य

ग्रामीणों का गंभीर आरोप बिना काम कराए हजम कर गए थे वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 की विकास धनराशि

उपेन्द्र कुमार पांडेय 

आजमगढ़। गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर जिले के विकास खंड अजमतगढ़ के ग्राम पंचायत नथूपुर में सरकारी धन के गबन और फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान बिना धरातल पर काम कराए कागजों में लाखों रुपये के भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से होने के बाद आरोपी ग्राम प्रधान द्वारा हड़बड़ाहट में फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने और साक्ष्य मिटाने का खेल शुरू कर दिया गया है। ग्राम निवासी राजेन्द्र ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बीते 14 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी आजमगढ़ को एक शिकायती पत्र सौंपा था। आरोप है कि ग्राम पंचायत नथूपुर में विकास कार्यों के नाम पर बिना मौके पर कोई निर्माण कराए ही फर्जी मस्टररोल और कागजात तैयार कर सरकारी धन का आहरण कर लिया गया। शिकायत की जानकारी मिलते ही विपक्षी ग्राम प्रधान रामदुलारे के हाथ-पांव फूल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान अब आनन-फानन में बिना किसी मानक और गुणवत्ता के, उन अधूरे और कागजी कार्यों को मौके पर जबरन पूर्ण कराने में जुट गए हैं जिनका भुगतान पहले ही उठाया जा चुका है। मकसद सिर्फ इतना है कि जब जांच टीम मौके पर पहुंचे, तो उन्हें वहां कार्य होता हुआ मिल जाए और भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुनः जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देकर मांग की है कि जब तक 14 सितंबर की शिकायत पर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय भौतिक जांच पूरी नहीं होती, तब तक संदिग्ध कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साक्ष्य मिटाने और सरकारी व्यवस्था को गुमराह करने की साजिश रचने के आरोप में संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य रोककर निष्पक्ष भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया, तो भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिटा दिए जाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संगठित धांधली पर क्या कड़ा कदम उठाता है। इस दौरान राजेन्द्र, श्रवण कुमार, महेंद्र, रामसहारे, हरिश्चंद्र और पूनम आदि मौजूद रहे।

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