शिक्षकों के श्रेष्ठ मार्गदर्शन में सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनते हैं बच्चे : महेश
स्काउट भवन पर आयोजित एक दिवसीय विगनर्स कोर्स में 95 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने किया प्रतिभाग, स्काउट दल और गाइड कंपनियों के माध्यम से बच्चे पहुंचेंगे प्रवेश से राष्ट्रपति पुरस्कार तक
बदायूं । स्काउट भवन प्रशिक्षण केंद्र पर भारत स्काउट और गाइड संस्था की ओर से एक दिवसीय बिगनर्स कोर्स का आयोजन किया गया। प्रतिभागी 95 शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्काउटिंग आंदोलन के उद्देश्य, दल के गठन एवं संचालन, पंजीकरण, नवीनीकरण, बच्चों का प्रगतिशील प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। स्काउटिंग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ उन्हें अनुशासन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सहयोग और राष्ट्रसेवा की भावना से संस्कारित करती है। स्काउटिंग के माध्यम से बच्चे प्रदेश स्तरीय तृतीय सोपान, राज्य पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करने के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जंबूरी में प्रतिभाग कर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं। प्राकृतिक आपदा के समय भी स्काउट सेवा, साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हैं। बाढ़, भूकंप, आंधी-तूफान सहित अन्य आपदाओं में पीड़ितों की सहायता और जनमानस की निस्वार्थ सेवा स्काउटिंग की विशिष्ट पहचान है।
स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि शिक्षकों के श्रेष्ठ मार्गदर्शन में बच्चे सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभा को निखारने के साथ जिम्मेदारी, कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाती है।
सहायक प्रादेशिक संगठन कमिश्नर बरेली मंडल बरेली सुश्री प्रीति कुमारी ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर प्रशिक्षण शिविरों के अलावा उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्काउटिंग के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने, दलों का पंजीकरण और नवीनीकरण कराकर बच्चों को राष्ट्रपति पुरस्कार तक पहुंचानें और सेवा कार्यों जोड़ने का आह्वान किया।
जिला संगठन कमिश्नर मु. असरार ने स्काउटिंग आंदोलन के गौरवशाली इतिहास, उद्देश्य एवं सेवा परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्काउटिंग विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संवेदनशील और कर्तव्यपरायण नागरिक बनने की दिशा भी प्रदान करती है। जिला स्काउट प्रशिक्षक नंदराम शाक्य ने प्रशिक्षणार्थियों को स्काउटिंग की आधारभूत गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सैल्यूट, बायां हाथ मिलाना, स्काउट नियम, प्रतिज्ञा एवं अनुशासन से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास कराया।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कब मास्टर, स्काउट मास्टर एवं रोवर लीडर के प्रशिक्षण। स्काउट गाइड के प्रगतिशील प्रशिक्षण प्रदेश स्तरीय तृतीय सोपान, राज्य पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार तक पहुंचने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुनियोजित प्रशिक्षण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और चुनौतियों का सामना करने का साहस पैदा करता है।
जिला स्काउट मास्टर सुदेश कुमार, जिला गाइड कैप्टन ज्योति सक्सेना एवं डीटीसी सत्यपाल गुप्ता के निर्देशन में शिक्षक-शिक्षिकाओं का पंजीकरण कराया गया। जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना, राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त कृपाल सिंह, महेश चंद्र पाठक ने राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त मुहम्मद असरार को राष्ट्रीय जंबूरी का प्रमाण पत्र, शिक्षक वीरेंद्र सिंह को स्काउट मास्टर और उच्च प्राथमिक विद्यालय बक्सर शिक्षिका नेहा सक्सेना को सम्मानित किया।
इस मौके पर जगदीश चंद्र सागर, दिनेश कुमार, कुसुम लता, बिना राठौर, बच्चन सिंह, अखिलेश, सुदेश कुमार, मधु प्रिया चौहान, तलत अंसारी, नीरज, मु.असलम, मु.परवेज, अभिषेक गुप्ता आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
























