बलिया में उमाशंन्कर सिंह को भावपूर्ण अंतिम विदाई; खनवर से गंगाघाट तक जनसैलाब, राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

बलिया में उमाशंन्कर सिंह को भावपूर्ण अंतिम विदाई; खनवर से गंगाघाट तक जनसैलाब, राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

 रसड़ा के तीन बार के विधायक और बसपा के विधानमंडल दल नेता उमाशंकर सिंह का दिल्ली में उपचार के दौरान निधन; मायावती, CM योगी व कई दिग्गज नेताओं ने किया श्रद्धांजलि

 संजीव सिंह बलिया/खनवर।बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ और रसड़ा विधानसभा के तीन बार विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। 55 वर्षीय उमाशंकर लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे बलिया एवं पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर पहले लखनऊ स्थित आवास लाया गया, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लल्लू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मायावती भावुक नजर आईं और उन्होंने उमाशंकर को पार्टी की वफादार नेता बताया।

बृहस्पतिवार शाम पार्थिव शरीर को पैतृक गांव खनवर रवाना किया गया। खनवर से शुरू हुई अंतिम यात्रा बछईपुर, सलेमपुर, चोगड़ा, कुकुरहा, हजौली, चिलकहर,फेफना होते हुए बलिया के प्रमुख मार्गों से गुजरकर शिवरामपुर गंगा घाट पर संपन्न हुई। मार्ग में हर जगह जनसैलाब उमड़ा, लोगों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। उनकी बेटी, दामाद और पुत्रवधू भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। अनुज रमेश सिंह व पुत्र प्रिंस युकेश सिंह भावुक दिखाई दिए। प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात की समुचित व्यवस्था की थी। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की; उपजिलाधिकारी रणधीर सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी।

कौन थे उमाशंकर सिंह: उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को नगरा ब्लॉक के ग्राम खनवर में हुआ। उन्होंने सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से स्नातक किया। छात्र जीवन से सक्रिय रहे उमाशंकर 1990-91 में छात्रसंघ महामंत्री रहे और 2000 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 2012 में बसपा की टिकट पर पहली बार रसड़ा से विधायक बने, फिर 2017 व 2022 में भी जीतकर लगातार तीसरी बार विधायक बने। 2022 में वह बसपा के इकलौते विजयी विधायक बने और विधानमंडल दल के नेता नियुक्त हुए।

गरीबों के मसीहा: उमाशंकर को क्षेत्र में ‘रॉबिनहुड’ की छवि मिली थी। वे जनसेवा व गरीबों के हितों के लिए समर्पित नेता माने जाते थे। उनके निधन पर बसपा के कई कद्दावर नेता के साथ परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी सहित अनेक नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त की। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान व धार्मिक विधि-विधान के साथ शिवरामपुर गंगा घाट पर संपन्न हुआ। बलिया की राजनीति और समाज में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा। शोक संतप्त परिवार को ईश्वर संबल दे। ॐ शांति।

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