जनेश्वर मिश्रा जयंती पर सपा का शक्ति प्रदर्शन, अनुमति न मिलने पर सरकार की आलोचना
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी विचारधारा के प्रखर स्तंभ, ‘छोटे लोहिया’ स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र जी की 5 अगस्त को लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क में होने वाली जयंती सभा को अनुमति न मिलने पर समाजवादी पार्टी ने सरकार के निर्णय को निंदनीय बताया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अब यह कार्यक्रम पार्टी के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में तय समय पर आयोजित किया जाएगा।
सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मृति स्थलों का उद्देश्य उनके अनुयायियों को जयंती और पुण्यतिथि पर एकत्र होकर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और विचारों को याद करने का अवसर देना है। उनके अनुसार, कार्यक्रम की अनुमति न देना लोकतांत्रिक मूल्यों और महापुरुषों के सम्मान की भावना के विपरीत है।
प्रदेशभर से जुटेंगे समर्थक
विज्ञप्ति में बताया गया कि अब यह आयोजन सपा के प्रदेश कार्यालय में होगा, जहां प्रदेश भर से जनेश्वर मिश्र के अनुयायी और समाजवादी विचारधारा के समर्थक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। वहां श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और सरकार के निर्णय के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष का संकल्प लिया जाएगा।
सनातन पाण्डेय की भूमिका
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम के संयोजक और बलिया सांसद सनातन पाण्डेय ने पूरे प्रदेश का भ्रमण कर जनेश्वर मिश्र जी के अनुयायियों और डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों में आस्था रखने वाले लोगों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। समाचार रिपोर्टों में भी 5 अगस्त को लखनऊ में सपा के बड़े आयोजन और ब्राह्मण समाज के व्यापक जुटान की जानकारी सामने आई है।
कान्हजी ने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र के नाम पर भव्य जनेश्वर मिश्रा पार्क बनवाकर बलिया और समाजवादी विचारधारा का सम्मान बढ़ाया था। उनका कहना है कि बलिया की जनता इस सम्मान को हमेशा याद रखेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय भविष्य में देगी।
























