बदायूँ।बीएसएनएल की भारतनेट एवं फाइबर योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ला रहीं डिजिटल क्रांति

बीएसएनएल की भारतनेट एवं फाइबर योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ला रहीं डिजिटल क्रांति

बदायूँ। सहायक महाप्रबंधक बीएसएनएल दूरसंचार बदायूं मयंक रस्तोगी ने बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतनेट परियोजना, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बीएसएनएल की नई फाइबर योजनाओं तथा युवाओं एवं उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल का संकल्प हर घर फाइबर, हर गांव डिजिटल, बीएसएनएल का संदेश बीएसएनएल के साथ जुड़ें, डिजिटल भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

बीएसएनएल कार्यालय के अपने कक्ष में मीडिया से वार्ता करते हुए सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में हाल ही में मात्र 259 रुपये प्रतिमाह का नया रूरल एंट्री फाइबर प्लान प्रारंभ किया गया है, जिसमें 25 एमबीपीएस तक की इंटरनेट स्पीड, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग तथा प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य आकर्षक फाइबर ब्रॉडबैंड योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार की भारतनेट परियोजना के अंतर्गत जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नेटवर्क की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों को रिंग नेटवर्क प्रणाली से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे फाइबर कट होने की स्थिति में भी सेवाएं बाधित न हों और इंटरनेट वैकल्पिक मार्ग से संचालित होता रहे।

उन्होंने कहा कि बीएसएनएल का उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। इसी लक्ष्य के साथ ‘‘हर घर फाइबर, हर गांव डिजिटल’’ अभियान को गति प्रदान की जा रही है, ताकि प्रत्येक गांव और परिवार तक गुणवत्तापूर्ण ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंच सकें।

इस दौरान भारतनेट उद्यमी (बीएनयू) योजना की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवा, उद्यमी, केबल ऑपरेटर एवं इच्छुक व्यक्ति बीएसएनएल के साथ जुड़कर अपने क्षेत्र में एफटीटीएच सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। सामान्यतः एक से दो लाख रुपये के निवेश से इस योजना में कार्य प्रारंभ किया जा सकता है। अधिकाधिक ग्राहकों को जोड़कर उद्यमी 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये प्रतिमाह तक आय अर्जित कर सकते हैं। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है।

उन्होंने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय व्यवसायियों एवं इच्छुक नागरिकों से भारतनेट उद्यमी योजना का लाभ उठाने तथा डिजिटल भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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