बलिया शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया श्रद्धालुओं को जीवन सुखी बनाने का संदेश
संजीव सिंह बलिया।बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि सफलता पाने के लिए ‘मैं’ की भावना का त्याग कर ‘आप’ और ‘हम’ शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि सच्चे शिवभक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेते, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानते हैं और सामूहिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में यह भावना स्थिर हो जाए कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, तो उसके जीवन एवं परिवार से स्वतः अशांति दूर हो जाती है।
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है। उन्होंने एक क्षण की महत्ता समझाने के लिए संत और लोहार की कथा सुनाई। कथा में बताया गया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहता था; एक बार तेज वर्षा और जलभराव के कारण उस गांव में संकट उत्पन्न हुआ तो लोहार ने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से मदद मांगी, जिससे वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना जरूरी नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।
कार्यक्रम में मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का आशीर्वाद लिया। शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी और श्रद्धालु भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
























