तहबरपुर में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा 
आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के अंतर्गत 1 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ब्लॉक सभागार में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं एवं शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राम उजागर शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया सभागार को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर राम उजागर शुक्ला ने कहा कि बदलते परिवेश में नई शैक्षिक चुनौतियां सामने आ रही हैं शिक्षकों ने हमेशा समाज को दिशा और गति प्रदान की है उन्होंने शिक्षक समुदाय से इन समस्याओं का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
जिला महामंत्री रवि शंकर यादव ने आधुनिक शैक्षिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को तकनीक के प्रयोग को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार धीरे-धीरे शिक्षकों क परिलब्धियों को समाप्त कर रही है। रमोद यादव ने शिक्षकों से अपने उत्कृष्ट कार्यो के माध्यम से समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया और वर्तमान समय में संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जिला उपाध्यक्ष उदय प्रताप राय ने पिछले 1 वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक समिति द्वारा शिक्षक हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि समिति विद्यालयों के पेयरिंग/ मर्जर, चयन वेतनमान, टेट की अनिवार्यता के विरोध, जनगणना 2026 तथा परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई जैसे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
इस संगोष्ठी की अध्यक्षता नर्वदेश्वर उपाध्याय ने की जबकि संचालन स्वामीनाथ यादव ने किया।
























