राष्ट्र निर्माण में शिक्षक अग्रणी — शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी व 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह
संजीव सिंह बलिया।आमंत्रण मैरिज हाल गोठाई नगरा में शुक्रवार को आयोजित शिक्षा उन्नयन संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेन्द्र सिंह ने की और मुख्य अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत BSA मनीष सिंह, जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह व बी.ई.ओ. आर. पी. सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का समस्त शिक्षकों ने अंगवस्त्रम्, स्मृति चिह्न एवं शीष पुंज देकर सम्मानित कर स्वागत व अभिनंदन किया।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति के समस्त समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने सेवा निवृत्त शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न, अंगवस्त्रम्, धार्मिक पुस्तक, छाता तथा बैग देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कुल 58 सेवानिवृत्त शिक्षकों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया।खंड शिक्षा अधिकारी नगरा राम प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित होकर अपना योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अग्रणी पंक्ति में हैं और उनकी भूमिका समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य शिक्षकों और पदाधिकारियों में ए.आर.पी. सुदीप तिवारी, विश्वामित्र सिंह, अभिषेक यादव, आशुतोष कुमार सिंह, शशिकांत सक्सेना, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, आलोक सिंह, विनोद भारती, हेमंत यादव, संजीव सिंह , राम प्रवेश वर्मा, अशोक शर्मा, बच्चालाल, कृष्ण कुमार सिंह, अभिनंदन सिंह आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दयाशंकर ने निपुण शपथ ग्रहण कराई।कार्यक्रम को जिला मंत्री डॉ. राजेश पांडेय, सुनील सिंह, विद्यासागर दूबे, अजय सिंह,बलवंत सिंह,शशिकांत ओझा, तथा अन्य शिक्षक पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे त्रिवेणी सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक अपने सामाजिक व शैक्षिक दायित्वों का निर्वाह करते रहेंगे और युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।समापन के अवसर पर राष्ट्र वंदना, भारत माता वंदे मातरम् जय घोष के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप यादव ने किया।
























