श्रीराम जन्मोत्सव में लंका दहन से रामराज्य तक गूंजा भक्ति रस, आरती में उमड़ा जनसैलाब
संजीव सिंह बलिया। स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर के सामने आयोजित श्रीराम जन्मोत्सव के तहत नौ दिवसीय रामकथा प्रवचन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हो गया। कथा के दौरान लंका दहन, मेघनाथ वध, कुंभकरण वध, रावण वध एवं रामराज्य स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली वर्णन किया गया। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी की ओजस्वी वाणी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।रामकथा के प्रमुख प्रसंग: भक्ति और शिक्षाओं का संगममहाराज विजय कौशिक जी ने रामकथा के हर प्रसंग को जीवंत कर दिया। लंका दहन के दौरान वानर सेना की विजय और अग्नि की लपटों का वर्णन सुनकर श्रोता रोमांचित हो उठे। मेघनाथ वध में लक्ष्मण की वीरता और कुंभकरण वध में भगवान राम की शक्ति का चित्रण ने भक्ति रस को चरम पर पहुंचा दिया। चरमोत्कर्ष पर रावण वध प्रसंग में अहंकार के पतन और सत्य की अमर विजय का संदेश गूंजा। अंत में रामराज्य स्थापना की व्याख्या करते हुए महाराज जी ने आदर्श समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जहां सत्य, धर्म, मर्यादा और समानता का राज होगा। उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रावण का अंत अहंकार का संदेश है, जबकि रामराज्य हमें एकजुट समाज की ओर ले जाता है।”कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, जयकारों और भक्ति भजनों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। नौ दिनों तक चली यह रामकथा न केवल धार्मिक अनुष्ठान बनी, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी सिद्ध हुई।भव्य आरती और गणमान्य अतिथियों की उपस्थितिसमापन अवसर पर आयोजित भव्य आरती में क्षेत्र का जनसैलाब उमड़ पड़ा। थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, भाजपा जिला महामंत्री आलोक शुक्ला, समाजसेवी राजबहादुर, अंशु सिंह, राजू सिंह चंदेल, जयप्रकाश जायसवाल, बृजेश कुमार सिंह बिट्टन (अध्यक्ष), समरजीत बहादुर सिंह (संयोजक), धनजी सिंह, संजय गुप्ता, राजू सोनी, रामायण ठाकुर, ओके जायसवाल, अमरेंद्र सोनी, संजीव गिरी, दीपक, संजय पांडेय, पत्रकार संजीव सिंह पत्रकार, रिंकू वर्मा, संजय सिंह, अमन पांडे, मुन्ना गणपति, दीपक कुमार, डॉ बजरंग बलि सिंह, गोलू प्रजापति, जयशंकर सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने भगवान प्रभु श्रीराम की आरती उतारी और महाराज जी से आशीर्वाद ग्रहण किया।प्रसाद वितरण के साथ समापन: सामाजिक समरसता का संदेशअंत में भव्य प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और भक्ति भावना को मजबूत करने का श्रेष्ठ माध्यम सिद्ध हुआ। नगरा क्षेत्र के निवासियों ने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
























