भक्ति रस में सराबोर हुआ दुर्गा मंदिर परिसर, रामकथा में शिव महिमा का अद्भुत वर्णन
रामेश्वर प्रजापति छांगुर
नगरा (बलिया)। पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महा महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार की सायंकाल तीसरे दिन कथा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। कथावाचक श्री विजय कौशिक जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचन से श्रद्धालुओं के हृदय को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विद्यासागर, रामदरस यादव क्रांति, शिव कुमार सिंह, अखिलेश यादव, संजय पांडे, हेमंत प्रजापति, ध्रुव सिंह, केपी यादव, राम सिंह यादव, अनिल सिंह, विष्णु सिंह, अच्छे लाल सिंह, धनु सिंह, चंद्रमणि यादव एवं राजेंद्र पांडे आदि लोगों ने संयुक्त रूप से आरती कर किया।
कथा के दौरान महाराज जी ने रामचरितमानस के प्रसंगों के माध्यम से भगवान शिव की महिमा का अद्भुत वर्णन किया। उन्होंने शिव तांडव, शिव विवाह तथा माता पार्वती को भगवान राम के अवतार की कथा सुनाने का मार्मिक प्रसंग इतने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
महाराज जी ने कहा कि भगवान शिव स्वयं राम के अनन्य भक्त हैं और उन्होंने माता पार्वती को राम जन्म की महिमा बताते हुए यह संदेश दिया कि राम नाम ही कलियुग में सबसे बड़ा आधार है। शिव-पार्वती संवाद के माध्यम से उन्होंने बताया कि भक्ति, प्रेम और समर्पण ही जीवन का सच्चा मार्ग है।
प्रवचन के दौरान “हर हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु कथा में डूबकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करते नजर आए।
इस अवसर पर आयोजनकर्ता बृजेश सिंह, डॉ. समरजीत सिंह, संजय , अमन पांडे ,धन् जी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्था की देखरेख करते नजर आए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने कथा का रसपान कर अपने जीवन को धन्य महसूस किया।
























