शाहजहांपुर।श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम प्रवाहित हुई ध्यान, भक्ति और साधना की त्रिवेणी पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 

श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम प्रवाहित हुई ध्यान, भक्ति और साधना की त्रिवेणी पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 

शाहजहांपुर । श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में चल रहे बसन्त उत्सव में आज देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपने तीन दिन के प्रवास पर ध्यान साधना करने पहुंचे। रिलायंस में बने हैलीपैड में जब उनका हैलीकॉप्टर पहुंचा तो यहां जिला अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह व पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने उनका स्वागत किया। यहां से पूर्व राष्ट्रपति भारी काफिले के साथ आश्रम पहुंचे। यहां पहुंचने पर उनका मिशन के सचिव उमा शंकर बाजपेई,संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, केंद्र प्रभारी सर्वेश चंद्रा, राज गोपाल अग्रवाल आदि ने उनका स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद ने आश्रम पहुंचकर पूज्य दाजी को पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया।इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद ने पूज्य दाजी से मुलाकात की और ध्यान किया।

 श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्ट फुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के दूसरे चरण के दूसरे दिन का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे सहस्रों अभ्यासी एकात्म भाव से ध्यान में लीन होकर मानव कल्याण एवं विश्व शांति की मंगल कामना करते दिखाई दिए। सम्पूर्ण आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना के आलोक से आलोकित हो उठा।

इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में बाबूजी महाराज के वचनों का स्मरण कराते हुए कहा कि आत्मा अपनी जंजीरों से मुक्त होना चाहती है, और यही सर्वोच्च स्तर की महत्वाकांक्षा का स्वरूप है। हम वही बनना चाहते हैं, जो वास्तव में हम हैं, किंतु जिसे हम विस्मृत कर बैठे हैं। बाबूजी महाराज ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि हमारा लक्ष्य ईश्वर के साथ पूर्ण रूप से एकमय होना है और जब तक ध्येय की प्राप्ति न हो, तब तक विश्राम नहीं करना चाहिए। लक्ष्य के प्रति जागरूकता बनी रहे तो आलस्य स्वयं ही पराजित हो जाता है। ध्यान सत्र के उपरांत मिशन के अभ्यासी एवं ख्यातिलब्ध भजन गायक चरन प्रीत ने अपने मधुर स्वर और संगीत से “सजा दो घर गुलशन सा मेरे सरकार आए हैं” तथा “लालाजी की याद में हम सब खो जाएँ” जैसे भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल भक्ति और अध्यात्म की रसधारा में सराबोर हो उठा।

सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया।

आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, सुयश सिन्हा, राजीव श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह, शुभम सक्सेना, जोन प्रभारी सौमेंद्र त्यागी, सहित अनेक साधकों का सराहनीय योगदान रहा।

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