Sunday, February 15

बलिया।आत्म सम्मान, जीवन कौशल और लैंगिक समानता के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं में से एक बनता जा रहा है मीना मंच का प्लेटफार्म बी एस ए मनीष कुमार सिंह

आत्म सम्मान, जीवन कौशल और लैंगिक समानता के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं में से एक बनता जा रहा है मीना मंच का प्लेटफार्म बी एस ए मनीष कुमार सिंह

 संजीव सिंह बलिया।प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव कार्यक्रम का आयोजन आज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण कर किया गया जिसमें राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रतिमा उपाध्याय ,नम्रता सिंह एवं आराधना द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्कूलों में बच्चों की अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करने की अनुशंसा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं कंपोजिट विद्यालय तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बच्चों में समानता के भाव को विकसित करने के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास ,क्रॉस लर्निंग, स्पेस, खुली चर्चाओं और नए शैक्षिक तरीकों को खोजने ,प्रतिभा दिखाने और छिपी हुई क्षमता का पता लगाने के अवसर उपलब्ध कराए जाने हेतु विगत कई वर्षों से मीना मंच के अंतर्गत बाल उत्सव मेले का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में आज जनपद स्तरीय प्रगति 2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया गया कि इतिहास गवाह है कि महिलाओं का विकास जितना इस शताब्दी में हुआ है इसके पहले शायद कभी नहीं था। उन्होंने राजा राममोहन राय द्वारा चलाए गए अभियान और आंदोलन की चर्चा करते हुए बताया कि बदलाव एवं सफलता का दूसरा नाम महिलाओं के लिए मीना मंच ही प्रदान करता है। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी अभिषेक वर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में उपस्थित छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि बाल उत्सव में प्रतिभाग करने वाले बच्चों का उत्साह निश्चित रूप से उनके शिक्षकों द्वारा किए गए अद्भुत प्रयास का परिणाम है। यह प्रतियोगिता तीन स्तर पर आयोजित की गई जिसमें चित्रकला प्रतियोगिता, बदलाव के लिए कहानी सुनाओ प्रतियोगिता तथा कामिक प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों का अवलोकन किया गया। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सत्येंद्र कुमार राय द्वारा कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई जबकि मीना मंच कार्यक्रम की नोडल लक्ष्मी चौधरी द्वारा प्रतियोगिता के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न मानकों से नोडल शिक्षकों तथा बच्चों को अवगत कराया गया।

जनपद के सभी 18 शिक्षा क्षेत्र से कुल 110 बालक तथा बालिकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 10 बच्चों को मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना है। कार्यक्रम का संचालन पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर शशि भूषण मिश्रा द्वारा किया गया जबकि पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर भवतोष कुमार पांडे ,विजय कुमार ,अशोक कुमार सिंह ,राम प्रकाश सिंह, अजयकांत ,मुमताज अहमद ,प्रभाकर राय द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। राज्य संदर्भ दाता समूह के तीनों सदस्य आशुतोष कुमार सिंह तोमर ,संतोष चंद तिवारी तथा चित्रलेखा सिंह द्वारा निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया गया। सभी बच्चों को तथा नोडल शिक्षकों एवं सहयोग प्रदान कर रहे शिक्षकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा वित्त एवं लेखा अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया जबकि मंडल स्तर के लिए चयनित 10 छात्र-छात्राओं को मेडल से सम्मानित किया गया।विभिन्न नोडल शिक्षकों द्वारा अपने विद्यालय के बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया जिनमें प्रमुख रूप से गिरिजेश उपाध्याय, पुष्पांजलि श्रीवास्तव ,रमिता अमित कुमार सिंह,संजीत कुमार तिवारी,चंदन सिंह, किरन भारती प्रमुख रहे।

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