हरदोई।इंस्टाग्राम से शुरू प्रेम कहानी का शादी के मंडप में हुआ अंत फेरों की जगह दुल्हा पहुंचा अस्पताल बाराती हवालात

इंस्टाग्राम से शुरू प्रेम कहानी का शादी के मंडप में हुआ अंत फेरों की जगह दुल्हा पहुंचा अस्पताल बाराती हवालात

पुलवामा में तैनात फौजी और राहुल मिश्रा नाम बताकर युवती को फसाया था प्रेम जाल में निकला देवेंद्र परमार

मुजीब खान

हरदोई : उत्तर प्रदेश के जनपद के कस्बा शाहाबाद में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया जिसमें बारात तो दरवाजे पर आई पर दुल्हन ले जाने की जगह दूल्हा अस्पताल और बाराती हवालात पहुंच गए अब कहेंगे कि ऐसा क्या हुआ तो बताते है एक युवक ने हरदोई के शाहाबाद निवासी एक युवती जो पेशे से एडवोकेट है को सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफार्म के जरिए खुद का नाम राहुल मिश्रा बताते हुए और भारतीय सेना में फौजी होना वो वर्तमान तैनाती कश्मीर के पुलवामा में होना दर्शा कर प्रेम जाल में फंसा लिया जिसका राज शादी के मंडप म खुल गया तो युवती और उसक घर वालो ने उनकी खातिरदारी करते हुए फर्जी फौजी दूल्हा देवेंद्र परमार को अस्पताल और बारातियों को हवालात भिजवा दिया।

जानकारी के अनुसार हरदोई के कस्बा शाहाबाद निवासी पेशे से एडवोकेट एक युवती की दोस्ती आज से करीब 4 वर्ष पूर्व इंस्टाग्राम जरिए एक युवक से हुई थी जिसने युवती को अपना नाम राहुल मिश्रा बताया और अपने आप को भारतीय सेना का जवान बताते हुए वर्तमान तैनाती कश्मीर के पुलवामा में बताई थी दोस्ती इश्क न बदल गई और इश्क शादी तक पहुंचा और वह दिन भी आया जब कथित फौजी अपनी बारात लेकर युवती के दरवाजे पर पहुंचा बरातियों का आदर सत्कार किया गया लेकिन जब मंडप में युवती और युवक की मुलाकात हुई तो युवती को शक हुआ और एक वकील होने के नाते उसने युवक से सवालों की झड़ी लगा दी जिससे राज खुलता गया और फौजी राहुल मिश्रा देवेंद्र परमार निकला जो कही नौकरी नहीं करता था युवतियों को फर्जी प्रेम जाल फसाना उसका पेशा था फिर क्या था दूल्हा और उसके सगे संबंधियों की जमकर पिटाई हुई मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती की तहरीर सबको हवालात और घायल दूल्हा को अस्पताल पहुंचाया ।

युवती न बताया कि उसकी इंस्टाग्राम पर राहुल मिश्रा नाम के युवक से दोस्ती हुई थी। जो खुद को भारतीय सेना का जवान बताता था और कहता था कि उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में है। दोनों की व्हाट्सएप, फेसबुक और फोन पर बातचीत बढ़ती गई। उसने बताया कि कई बार युवक कई दिनों तक गायब हो जाता था, लेकिन बाद में ड्यूटी और ऑपरेशन का हवाला देकर युवती का भरोसा फिर जीत लेता था। भरोसा मजबूत करने के लिए कथित राहुल सेना की वर्दी में तस्वीरें भेजता था।कभी कैंप की फोटो, कभी छुट्टी मांगने वाली एप्लीकेशन और कभी फौजी अंदाज वाली डीपी लगाकर वह खुद को असली सैनिक साबित करता रहा।करीब चार महीने पहले उसने दूसरे नंबर से फोन कर कहा कि यही उसका नया नंबर है।इसके बाद बातचीत और ज्यादा बढ़ गई दोनों की सहमति के बाद रिश्ता तय हो गया और शादी की तारीख भी फाइनल कर दी गई। उसने बताया कि तय तारीख के अनुसार बारात धूमधाम से शाहाबाद पहुंची। स्वागत हुआ,रस्में निभाई गईं और शादी की तैयारियां चलती रहीं।लेकिन फेरों से पहले उसे दूल्हे के हावभाव,आवाज और बातचीत के तरीके पर शक हो गया।जिस राहुल से वह चार साल से बात कर रही थी,सामने बैठा युवक उससे बिल्कुल अलग लग रहा था।दुल्हन ने मंडप में ही सवाल पूछने शुरू कर दिए।जवाब गड़बड़ मिलने लगे तो कड़ाई से पूछताछ हुई और पूरा राज खुल गया कि शादी करने आया युवक राहुल मिश्रा नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के छतरपुर का देवेन्द्र परमार है।

अब बात आती है ऐसा क्यों किया तो मतलब साफ है कि राहुल मिश्रा बनकर एक युवक ने खुद को फौजी बताया और सोशल मीडिया के जरिए युवती को प्रेमजाल में फंसाया। शादी से कुछ महीने पहले नंबर बदलने का बहाना बनाकर दूसरे युवक से बातचीत कराई गई। लेकिन युवती अधिवक्ता थी, इसलिए मंडप में दूल्हे के हावभाव और बातचीत पर शक होने पर उसने पूछताछ की, तब खुलासा हुआ कि बारात लेकर पहुंचा युवक राहुल नहीं बल्कि देवेंद्र परमार है। युवती ने आशंका जताई है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाता है। उसके मुताबिक ऐसे लोग महिलाओं का आर्थिक शोषण, ब्लैकमेलिंग,जबरन शादी या मानव तस्करी जैसे अपराधों में इस्तेमाल कर सकते हैं।

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